Thursday, 21 November 2013

4600 ग्रेड वेतन हेतु कोर्ट केस के लिए अंशदान करने वाले अनुवादक साथियों का ब्‍यौरा


नमस्‍कार दोस्‍तो, 4600 ग्रेड वेतन के लिए अनुवादकों के केस को कैट में फाइल करने के लिए कई मोर्चों पर निरंतर काम चल रहा है. आशा है कि अगले सप्‍ताह की शुरूआत में ही केस दर्ज हो जाएगा. धीरे-धीरे लोग जुड़ रहे हैं और कारवां बन रहा है. यहां विशेष रूप से उल्‍लेखनीय है कि हमने शुरूआत में ही यह स्‍पष्‍ट कर दिया था कि इस केस के लिए अंशदान केवल सीएसओएलएस के अनुवादकों से ही लिया जाएगा. परंतु कैडर के कुछ तदर्थ सहायक निदेशक भी अंशदान करना चाहते है. बिना मांगे ही हमारी सहायता करने के उनके इस जज्‍़बे के प्रति हम उनके आभारी हैं और उनका स्‍वागत करते हैं. इसके अलावा देशभर के अधीनस्‍थ कार्यालयों के साथियों से निरंतर फोन और एसएमएस प्राप्‍त हो रहे हैं और वे हर प्रकार से सहयोग करने का आग्रह कर रहे हैं. अब तक बैंगलूरू, चंडीगढ़, सूरत, नागपुर, चेन्‍नई, कोच्‍चीन, जयपुर, दिल्‍ली, लखनऊ आदि शहरों से तमाम साथी फोन अथवा संदेश द्वारा आर्थिक सहयोग करने के लिए आग्रह कर चुके हैं. हमारी पूरी टीम आप सबके इस सहयोग भाव के प्रति आभारी है परंतु पूरी विनम्रता के साथ पुन: कहना चाहेंगे कि फिलहाल तय निर्णय के मुताबिक हम केवल सीएसओएलएस के साथियों से ही अंशदान स्‍वीकार कर रहे हैं. यदि आवश्‍यकता पड़ी तो हम अवश्‍य ही आपसे आग्रह करेंगे. अधीनस्‍थ कार्यालयों के साथी भी स्‍वयं को हमसे दूर न समझें. जहां भी आवश्‍यकता होगी हम हर प्रकार से आपके साथ खड़े होंगे. यह एक स्‍वत: स्‍फूर्त प्रयास है जिसमें हर अनुवादक बराबर का साझीदार है....चाहे वह कहीं भी कार्यरत हो. हमें विश्‍वास है कि सीएसओएलएस संवर्ग के हमारे साथी इस प्रयास में अपना पूर्ण सहयोग देंगे.....और पूरे अनुवादक समुदाय के समक्ष एक अनुकरणीय उदारहण प्रस्‍तुत करेंगे. सभी का पुन: आभार. 


सीएसओएलएस के साथियों के लिए विशेष : मित्रो केस के लिए अभी भी पर्याप्‍त राशि एकत्र नहीं हो पाई है. हमारी टीम विभिन्‍न कार्यालयों में जाकर अंशदान एकत्र कर रही है. परंतु कार्यालयों में कार्य की अधिकता और केस के अन्‍य पक्षों पर काम करने के लिए होने वाली भाग-दौड़ के चलते टीम के लिए सभी कार्यालयों में जाकर प्रत्‍येक अनुवादक साथी से मिलना संभव नहीं हो पाएगा. अतएव जो साथी अंशदान के इच्‍छुक हैं वे अपना अंशदान टीम के किसी भी सदस्‍य को दे सकते हैं या ऑनलाइन अकाउंट में भेज सकते हैं (विवरण पूर्व पोस्‍ट http://translatorsofcsols.blogspot.in/2013/11/4600.html पर उपलब्‍ध हैअथवा यहां कमेंट सैक्‍शन में सूचित कर सकते हैं. हमारी टीम आपसे स्‍वयं संपर्क कर यह राशि प्राप्‍त कर लेगी. यह पूरी प्रक्रिया हमें 25 नवंबर तक समाप्‍त करनी है. 


आज दिनांक 21 नवंबर 2013 को सांय 5.30 बजे तक अनुवादक साथियों से प्राप्‍त अंशदान की राशि का ब्‍यौरा राशि प्राप्‍त होने के क्रम में नीचे दिया जा रहा है. यदि भूलवश कोई नाम छूट गया हो तो कृपया इसे हमारे संज्ञान में लाने का कष्‍ट करें. 


Name     Sh./Smt./Ms.
Department / Ministries
       1. 
Ramanuj Gautam
Ministry of Home Affairs
       2. 
Krishan Kalas
Ministry of Defence
        3. 
Rambabu
Ministry of Tourism
       4
Deepti Anand
Ministry of Tourism
       5
Ankur Bhatnagar
Ministry of Heavy Industries
       6
Ramkesh Meena
Ministry of Steel
       7
Manish Minz
Ministry of Commerce
      8
Jyotsna
Ministry of Commerce
       9
Bhawna Madan
Ministry of Commerce
     10
Beenu
Ministry of Commerce
     11
Ashish Negi
Ministry of Human Resource and Development
     12
Pradeep Kumar
Ministry of Human Resource and Development
    13
Azad Kumar
Ministry of Defence
     14
Afroz Aalam
Ministry of Defence
     15
Anil
Ministry of Urban Development
     16 
Purushottam Kr. Sahu
Planning Commission
     17 
Rakesh Srivastava
Narcotics Control Bureau
     18
Dinesh Bhardwaj
DOPT
     19
Rekha Surya
Department of Economic Affairs
     20
Saurabh Arya
Ministry of Textiles
      21
Om Prakash,
Ministry of Defence
      22
K.P.Lal
Ministry of Defence
      23
Narottam S. Rawat
Ministry of Defence
      24
Sri Krishan
Ministry of Defence
      25
Sangeeta T.
Ministry of Defence
      26
Kale Khan
Ministry of Defence
      27
Pramod Kumar
Ministry of Defence
      28
Deepa Saini
Ministry of Defence
      29
Arun Medhavi
Ministry of Home Affairs
      30
Dinesh Kumar,
Dept of Post, Dak Bhawan
      31
Vishakha Bisht
Department of Revenue, Ministry of Finance
      32
Sartaj
Department of Revenue, Ministry of Finance
     33
Poonam Vimal
Dept. of Food and Public Distribution
      34
Rakesh Umrao
Sanchar Bhawan
      35
Uma Upadhyay
Dept. of Food and Public Distribution
     36
Ram Udai Chaudhury
Ministry of Culture
     37
Ashima Bhardwaj
Ministry of Culture
     38
Shiv Kumar
Ministry of Culture
     39
Manjul Moorti
Ministry of Home Affairs
    40
Anubrata Bhattacharya
SSC, Kolkata
     41
Uma Mishra
Department of Industry Policy and Promotion
     42
Sunil Kumar Chaurasia
Ministry of Urban Development
    43
Shabana Km
Ministry of Urban Development
        44
Shiv Kumar Gaur, Asst. Director
Ministry of Heavy Industry
     45
Awani Karan
Ministry of Corporate Affairs
     46
Preeti Thapa
Ministry of Youth Affairs and Sports
      47
Meenaskhi
Ministry of Youth Affairs and Sports
     48
Vikas Verma
Press Information Bureau
    49
Santosh Kumari
Press Information Bureau
     50
Mahesh Kumar, Asst. Director
Child and Women Development
     51
Ligi Thomas
Child and Women Development
     52
Krishan Kumar
Child and Women Development
     53
Meenakshi Kirar
Ministry of I & B
     54
Paramjeet Yadav
Ministry of Water Resources
     55
Deepak Kr. Khatri
Ministry of Water Resources
      56
Devanand Das
Ministry of Water Resources


 अंशदान करने वाले सभी सहृदय मित्रों के इस अपार समर्थन और सहयोग के प्रति संयोजन समिति आभारी है. आशा है अन्‍य साथी भी शीघ्र ही इस मिशन में सहयोग कर इस प्रयास को और सशक्‍त बनाएंगे. 

धन्‍यवाद सहित संयोजन समिति :


1. श्रीमती विशाखा बिष्‍ट, राजस्‍व विभाग, वित्‍त मंत्रालय, नॉर्थ ब्‍लॉक 
2. श्री सौरभ आर्य, वस्‍त्र मंत्रालय, उद्योग भवन
3. श्री दीपक डागर, आर्थिक कार्य विभाग, नॉर्थ ब्‍लॉक
4. सुश्री पूनम विमल, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, कृषि मंत्रालय, कृषि भवन
5. श्री रामानुज गौतम, गृह मंत्रालय, नॉर्थ ब्‍लॉक
6. श्री राकेश श्रीवास्‍तव, नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो, आर.के.पुरम
6. श्रीमती भावना मदान, वाणिज्‍य मंत्रालय, उद्योग भवन
7. श्री ओम प्रकाश कुशवाहा, रक्षा मंत्रालय, सेना भवन
8. श्री अंकुर भटनागर, भारी उद्योग मंत्रालय, उद्योग भवन
9. श्री प्रमोद कुमार, रक्षा मंत्रालय, सेना भवन 

Friday, 8 November 2013

4600 ग्रेड वेतन संबंधी केस से जुड़े संभावित प्रश्‍नों के उत्‍तर....सभी का सहयोग अपेक्षित है.

प्रिय मित्रो, कनिष्‍ठ अनुवादकों हेतु 4600 /- ग्रेड वेतन के मामले को लेकर संवर्ग के अनुवादक  अपने स्‍तर पर पूर्व में दो बैठकें क्रमश: 15 अक्‍तूबर और 25 अक्‍तूबर को कर चुके हैं. इन बैठकों का पूर्ण विवरण हमारे ब्‍लॉग तथा फेसबुक की कम्‍यूनिटी में नियमित रूप से अपडेट किया जाता रहा है. फिर भी जो अनुवादक साथी इन बैठकों में नहीं आ सके अथवा जिनके मन में उपर्युक्‍त मामले के संबंध में विभिन्‍न सवाल उठ रहे हैं उनके लिए सभी संभावित प्रश्‍नों के उत्‍तर हम यहां देने की कोशिश कर रहे हैं। आप सभी से अनुरोध है कि सबसे पहले तो मामले को अपनी समझ से समझें, दूसरों के बताने पर मामले की कमजोरी या मजबूती की बातों पर यकीन न करें.

प्रश्‍न 1. 4600 ग्रेड वेतन के लिए नया केस दर्ज करने के क्‍या आधार हैं ?
उत्‍तर : यह नया केस व्‍यय विभाग की 13.11.2009 के आदेश की व्‍याख्‍या को चुनौती देगा. दरअसल यह केस कैट में दायर किया जाएगा जिसमें राजभाषा विभाग को पार्टी बनाया जाएगा क्‍योंकि विभाग ने जनवरी, 2013 में एसोसिएशन द्वारा 4600 ग्रेड वेतन के संबंध में भेजे गए प्रतिवेदन को खारिज कर दिया है । हमारे पक्ष में श्रीमती टीपी लीना द्वारा एरनाकुलम कैट, केरल उच्‍च न्‍यायालय और सर्वोच्‍च न्‍यायालय में जीते गए केस और अभी हाल ही में 14 अक्‍तूबर, 2013 का एरनाकुलम फुल बैंच का आदेश है जिसमे न्‍यायालय ने माना है कि 13.11.2009 के व्‍यय विभाग के आदेश के अनुसार केन्‍द्र सरकार के अधीनस्‍थ कार्यालयों में कार्यरत कनिष्‍ठ हिंदी अनुवादक 4600 ग्रेड वेतन के हकदार हैं. इसके अलावा भी हमारी टीम की इस मामले में गहराई से की गई रिसर्च के उपरांत कई और रोचक तथ्‍य एवं तर्क सामने आए हैं जिनसे हम अपने पक्ष को मजबूती के साथ अदालत में रख सकते हैं.

प्रश्‍न 2. क्‍या यह नया केस पहले से कैट में विचाराधीन 1986 वाले मामले को प्रभावित करेगा?
उत्‍तर : जी नहीं, बेशक दोनों मामलों का परिणाम एक ही होगा मगर दोनों मामलों का आधार अलग अलग है. जो तथ्‍य और तर्क नए केस में प्रस्‍तुत किए जा रहे हैं वे 1.1.2006 के बाद उत्‍पन्‍न हुई विसंगतियों के बारे में हैं. जबकि 1986 का मामला सीएसएस असिस्‍टेंट के साथ पैरिटी का है.

प्रश्‍न 3. पांच ही पैटीशनर्स क्‍यों, हर अंशदाता पैटीशनर्स में क्‍यों नहीं ?
उत्‍तर : किसी भी केस को लड़ने वाला एड़वोकेट केस की फीस पैटीशनर्स की संख्‍या के आधार पर तय करता है. यदि हम पांच पैटीशनर्स केस लड़ रहे हैं तो फीस अलग होगी और यदि 100 पैटीशनर्स का नाम केस में होगा तो फीस कई गुना बढ़ जाएगी । हम सभी जानते हैं कि भारी भरकम फीस हम दे पाने की स्थिति में नहीं हैं. मात्र 1000 रूपए के साथ क्‍या किसी केस में पैटीशनर बना जा सकता है ? हम यहां रणनीतिक रूप से आगे बढ़ रहे हैं इसमें संवर्ग के साथियों को लीड़ कर रही टीम पर भरोसा करना होगा. यहां यह उल्‍ल्‍ेखनीय है कि इस मामले को लीड़ कर रही टीम के सभी सदस्‍य पैटीशनर्स में शामिल नहीं हैं. शेष लोग भी पूरी शिद्दत से इस मामले में मेहनत कर रहे हैं. पैटीशनर्स मात्र तकनीकी औपचारिकता हैं.

प्रश्‍न 4. क्‍या इस केस को जीतने की स्थिति में लाभ सिर्फ 5 पैटीशनर्स को मिलेगा अथवा पूरे संवर्ग के अनुवादकों को ?
उत्‍तर : इस संबंध में तीन संभावनाए हैं –
1.         सबसे पहली और प्रबल संभावना है कि लाभ एक साथ ही पूरे संवर्ग के अनुवादकों को मिल सकेगा. चूंकि हम केस की प्रेयर में ही सीएसओएलएस संवर्ग के अनुवादकों के लिए रिलीफ मांगेंगे. यदि फैसला हमारे पक्ष में होता है तो यह लाभ सभी को तुरंत मिलना चाहिए.
2.         दूसरी संभावना में, एक क्षण के लिए हम मान लेते हैं कि फैसला सिर्फ एप्‍लीकेंट्स के हक में हुआ. तो भी कॉमन सेंस कहता है कि एक ही कैडर के कुछ लोग अलग स्‍केल लें और बाकी लोग अलग. ये संभव नहीं है. इसके लिए हमारी टीम विभाग को एक खास नियम के तहत आवेदन करेगी. इस संबंध में जनवरी, 2013 के स्‍वामी न्‍यूज में एक प्रावधान है...  "(Swamy's News Item 12 page 86, January 2013) जिसका आशय यह है कि “Service benefit granted to an employee by a judiciary in a case is applicable to similarly situated other employees of a department without the other employees of the department approaching the judiciary for the same benefit." यह आदेश हमें भी पूर्ण रूप से लागू होता है।"'
3.         हम यह भी संभावना लेकर चल रहे हैं कि हो सकता है कि राजभाषा विभाग उपर्युक्‍त प्रावधान को भी न माने. उस स्थिति में भी हमार टीम कार्रवाई करेगी. इसके लिए सर्वोच्‍च न्‍यायालय में समानता के मौलिक अधिकार के हनन के लिए एक याचिका दायर की जाएगी जिसमें अदालत एग्‍ज्‍यीक्‍यूटिव यानि कि विभाग को सभी समान कर्मचारियों को समान लाभ प्रदान करने के निदेश देगी.
मित्रो, यहां पांच पैटीशनर्स मात्र इस केस की तकनीकी औपचारिकता हैं हमारा उद्देश्‍य पूरे संवर्ग के अनुवादकों को लाभ दिलाना है और यदि फैसला हमारे हक में होता है तो हमारा कार्य तभी पूरा होगा जब संवर्ग के हर एक अनुवादक को यह लाभ प्राप्‍त हो जाएगा.

 प्रश्‍न 5.  : प्रति व्‍यक्ति अंशदान कितना है और कैसे दिया जा सकता है ?
उत्‍तर : प्रति व्‍यक्ति अंशदान 1000 रू है जिसे निम्‍नलिखित प्रतिनिधियों को सौंपा जा सकता है :
·         * श्रीमती विशाखा बिष्‍ट, राजस्‍व विभाग, नॉर्थ ब्‍लॉक
* सुश्री पूनम विमल, कृषि मंत्रालय, कृषि भवन
* श्री राकेश श्रीवास्‍तव, नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो, आर. के पुरम.
* श्री सौरभ आर्य, वस्‍त्र मंत्रालय, उद्योग भवन

* श्री दीपक डागर, आर्थिक कार्य विभाग, नॉर्थ ब्‍लॉक

* श्री ओमप्रकाश कुशवाहा, रक्षा मंत्रालय 

* श्री मणिभूषण, पर्यावरण मंत्रालय

इस केस को दायर करने के लिए पर्याप्‍त अंशदान अभी तक प्राप्‍त नहीं हो पाया है हमें जल्‍द से जल्‍द अपने हाथ मजबूत करने होंगे ताकि किसी भी आवश्‍यकता की स्थिति में हम कमजोर न पड़ें. फंड के रखरखाव की मॉनीटरिंग कोऑर्डीनेशन कमेटी द्वारा नियमित आधार पर की जाएगी एवं अधिकतम पारदर्शिता बरती जाएगी.  

जो साथी दिल्‍ली से बाहर हैं और अंशदान करना चाहते हैं वे नीचे दिए जा रहे दो ऑन लाइन अकाउंट्स में 1000 रू की राशि जमा कर सकते हैं. कृपया ऑनलाइन कांट्रीब्‍यूशन जमा करने के बाद इसका विवरण ईमेल translatorsofcsols@yahoo.in पर अपने नाम और पते के साथ अवश्‍य भेजें.

1. Saurabh Arya, Central Bank Of India, Branch Name: Udyog Bhawan (New Delhi)A/c No. 3098379559. IFSC CODE CBIN 0282169

2. Vishakha Bisht, ICICI, A/c No. 015401506654, IFSC CODE : ICICI0000154. Branch – Pitampura New Delhi.


कृपया ऑनलाइन ट्रांसफर को अंतिम विकल्‍प के रूप में ही प्रयोग करें. सभी अंशदाताओं का विवरण ब्‍लॉग पर सार्वजनिक किया जाएगा.

दोस्‍तो, उपर्युक्‍त के अलावा भी यदि आपका कोई भी प्रश्‍न हो तो कृपया सीधे श्री सौरभ आर्य से 09711337404 पर अथवा श्री दीपक डागर से 09871136098 पर (केवल केस से संबंधित तकनीकी जानकारी के लिए) (किसी भी कार्यदिवस में) पूछ सकते हैं. हम जल्‍द ही एक और बैठक आयोजित करने जा रहे हैं तब तक आप सभी से अनुरोध है कि इस विषय को समझें, जागरूक बनें और प्रयास में हाथ बंटाएं. यदि मिलकर ये जंग लडेंगे तो जरूर जीतेंगे. 

Thursday, 31 October 2013

कोर्ट केस पर काम शुरू और अंशदान के लिए संपर्क अभियान कल 1 नवंबर से शुरू.

दोस्‍तो, पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार अनुवादकों की कोऑर्डीनेशन कमेटी की आज दोपहर बोट क्‍लब पर एक बैठक संपन्‍न हुई जिसमें इस कमेटी ने सर्वसम्‍मति से निम्‍नलिखित निर्णय लिए हैं : 

1. पांच पैटीशनर्स के नाम तय किए गए जिसमें पांच अलग-अलग मंत्रालयों के अनुवादक शामिल होंगे. 
2. कल दिन में हमारी एक टीम अधिवक्‍ता से बातचीत को अंतिम रूप देगी. अधिवक्‍ता पैटीशन तैयार कर रहे हैं जिसमें उन्‍हें जल्‍द से जल्‍द फीस की अग्रिम राशि देनी होगी.
3. अभी तक हमने कोई कॉंट्रीब्‍यूशन ड्राइव शुरू नहीं की थी परंतु फिर भी अनुवादक साथियों से लगभग 35,000 रू हम तक पहुंच चुके हैं. यह बेहद उत्‍साहजनक शुरूआत है परंतु यह राशि अभी पर्याप्‍त नहीं है. हमें कम से कम 1 लाख रूपए का बजट लेकर चलना होगा. इसके लिए अनुवादकों की टीम कल से एक संपर्क अभियान शुरू कर रही है. जिसमें हम स्‍वयं आप तक पहुंचने का प्रयास करेंगे परंतु चूंकि समय बहुत कम है और काम काफी ज्‍यादा है अतएव आपसे अनुरोध है कि जो साथी इस अभियान में अपना अंशदान करना चाहते हैं वे टीम के निम्‍नलिखित किसी भी सदस्‍य को अपना अंशदान पहुंचा सकते हैं:

* श्रीमती विशाखा बिष्‍ट, राजस्‍व विभाग, नॉर्थ ब्‍लॉक
* सुश्री पूनम विमल, कृषि मंत्रालय, कृषि भवन
* श्री सौरभ आर्य, वस्‍त्र मंत्रालय, उद्योग भवन
* श्री दीपक डागर, आर्थिक कार्य विभाग, नॉर्थ ब्‍लॉक
* श्री ओमप्रकाश कुशवाहा, रक्षा मंत्रालय 


अनुवादक साथियों से विशेष रूप से कहना है कि
> ये अंशदान अनुवादकों द्वारा कैट में कनिष्‍ठ अनुवादकों हेतु 1.1.2006 से 4600 रू ग्रेड वेतन के संदर्भ में दायर किए जाने वाले केस के संबंध में संग्रहित किया जा रहा है. इस केस का कैट में पहले से चल रहे 1986 से असिस्‍टेंट के साथ पैरिटी वाले मामले से कोई संबंध नहीं है. दोनों मामले अलग-अलग हैं. 
> जिस मामले को लेकर हम लोग कोर्ट में जा रहे हैं उसका आधार सरकार के ही कुछ आदेशों की गलत व्‍याख्‍या को चुनौती और अब उन्‍हीं आदेशों की देश की विभिन्‍न अदालतों द्वारा अनुवादकों के पक्ष में की गई व्‍याख्‍याएं और निर्णय हैं. अतएव अनुवादक साथी दिग्‍भ्रमित न हों. 
> इस केस से कनिष्‍ठ एवं वरिष्‍ठ अनुवादक दोनों को लाभ मिलेगा अतएव इस अभियान में केवल कनिष्‍ठ अनुवादकों एवं वरिष्‍ठ अनुवादकों से ही अंशदान लिया जाएगा. सहायक निदेशक एवं उससे ऊपर के अधिकारियों से अंशदान नहीं लिया जाएगा. 
>अनुवादकों की ओर से अंशदान के लिए अधीकृत टीम के सदस्‍यों के नाम इस पेज अथवा ब्‍लॉग पर दर्शाए जा रहे हैं अतएव अंशदान केवल उन्‍हें ही दें. 
> सभी अंशदाताओं के नाम समय-समय पर सार्वजनिक किए जाते रहेंगे. यदि किसी साथी को कहीं कोई विसंगति नज़र आए तो तत्‍काल 09711337404 (सौरभ आर्य) पर संपर्क करें अथवा कोऑर्डीनेशन टीम के किसी भी सदस्‍य के संज्ञान में लाएं. 

विशेष : अनुवादकों की एक टीम कल प्रात: योजना भवन, डाक भवन, डीजीएसएंडडी, बैंकिंग डिवीजन, व निर्वाचन भवन आदि भवनों का दौरा कर अंशदान संग्रह करेगी. जो साथी इन कार्यालयों से अंशदान करने के इच्‍छुक हों वह कृपया 1000 रू की अंशदान की राशि अपने पास तैयार रखें. अंशदान करना अथवा न करना पूर्णतया स्‍वेच्‍छा का विषय है. आशा है सभी अनुवादक साथी इस आखिरी प्रयास में पूरे उत्‍साह के साथ सामने आएंगे. जो साथी अब तक अंशदान कर चुके हैं.....उनका पूरी टीम की ओर से आभार. 

और हां, हमारे कुछ साथी जो अभी भी निराशा से बाहर नहीं आ पा रहे हैं और बार बार कह रहे हैं कि यदि हम लोग कोर्ट में हार गए तो क्‍या होगा ? तो दोस्‍तो, हम हारे तो बरसों से बैठे हैं.....हमारे लिए हारने के लिए और कुछ नहीं बचा है......अब हमारे साथ कुछ होगा तो अच्‍छा ही होगा. अन्‍यथा जैसे थे वैसे तो रहेंगे ही. इसलिए खुद पर भरोसा रखें और अपने साथियों का भी हौंसला बढ़ाएं. सभी को इस प्रयास के लिए शुभकामनाएं.

Wednesday, 30 October 2013

अनुवादकों के प्रस्‍ताव पर एसोसिएशन से कोई उत्‍तर नहीं. अब आगे बढ़ना होगा हमें.

मित्रो, एसोसिएशन से उम्‍मीदें अब छोड़नी होंगी. 25 अक्‍तूबर को हुई बैठक के बाद एसोसिएशन को अवगत कराया गया था कि अनुवादक चाहते हैं कि यह केस अनुवादक एसोसिएशन के नाम से दर्ज हो. दूसरा, एसोसिएशन राजभाषा विभाग से तत्‍काल जनवरी, 2013 में सौंपे गए प्रतिवेदन पर रिजेक्‍शन लैटर प्राप्‍त करे. रिजेक्‍शन लैटर के लिए पहले शुक्रवार का दिन तय था मगर उस दिन अध्‍यक्ष महोदय किसी आवश्‍यक कार्य का हवाला देकर राजभाषा विभाग न चल सके. फिर सोमवार दोपहर पूर्व का समय तय किया गया. कई लोगों की मौजूदगी में तय हुआ था कि अध्‍यक्ष महोदय सोमवार दोपहर पूर्व हमारे साथ राजभाषा विभाग चलेंगे. मगर हमारे बार-बार संपर्क कर चलने की बात कहने के बावजूद वे बिना किसी को सूचित किए राजभाषा विभाग गए. मगर आज अभी तक हमारे पास राजभाषा विभाग का रिजेक्‍शन लैटर नहीं पहुंचा है. यहां तक कि एसोसिएशन द्वारा अभी तक विभाग को लिखित में कोई रिमाइंडर तक नहीं दिया गया है. अध्‍यक्ष महोदय से जब जब हम किसी विषय पर बात करते हैं वे मजबूर नज़र आते हैं. ये उनके संगठन के भीतर की मजबूरियां है अथवा उन पर कोई बाहरी दबाव हैं....वे ही जानते हैं जोकि वे कभी भी निर्णय ले पाने की स्थिति में नहीं होते है.

25 अक्‍तूबर को उन्‍हें अनुवादकों द्वारा पारित निर्णयों से अवगत कराने के उपरांत से हो रहे घटनाक्रम को देखते हुए कोऑर्डीनेशन कमेटी ने महसूस किया कि इस प्रकार यदि एसोसिएशन आज जनता के दबाव को देखते हुए केस फाइल करने के लिए तैयार भी हो गई तो भविष्‍य में भी इसी प्रकार की लचर कार्यप्रणाली के चलते हम कैसे भरोसा कर सकते हैं कि हमारे एसोसिएशन के साथी इस केस के साथ न्‍याय कर पाएंगे ? तमाम अदृश्‍य विवशताओं, दबावों और लंबे प्रोटोकोल में उलझे हमारे साथी कैसे इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाएंगे हमारी समझ से परे था. यह गंभीर प्रश्‍न था. जिस पर अनुवादकों की कोऑर्डीनेशन कमेटी ने आपस में विचार विमर्श के उपरांत निर्णय लिया कि अध्‍यक्ष महोदय से आग्रह किया जाए कि यदि वे सैद्धांतिक रूप में एसोसिएशन के नाम से केस लड़ने के लिए सहमत हों तो (कल दोपहर तक एक बैठक में वे सहमत नहीं थे) अनुवादकों की कोऑर्डीनेशन कमेटी के दो सदस्‍यों को अधिकार पत्र देकर इस केस में औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए अधिकृत कर दें. ताकि केस एसोसिएशन के नाम से ही रजिस्‍टर हो, संवर्ग में एक अच्‍छा संदेश जाए और केस में सारी मेहनत अनुवादक स्‍वयं करेंगे. इस प्रस्‍ताव पर अध्‍यक्ष महोदय को कल शाम 5 बजे तक हमें उत्‍तर देना था मगर अफसोस की बात है कि अभी तक कोई उत्‍तर नहीं दिया गया है. न ही इस संबंध में प्रेषित संदेश का कोई उत्‍तर मिला है. यह पहले ही स्‍पष्‍ट कर दिया गया था कि यदि कोई उत्‍तर नहीं मिला तो इसे आपकी ना ही समझा जाएगा.

25 तारीख को अपनी भली-भांति चल रही कार्रवाई को विराम देकर तब से अब तक हम एसोसिएशन का मुंह ताक रहे थे. नतीजा ढ़ाक के तीन पात ही रहा. अब और इंतजार कर समय बर्बाद नहीं किया जा सकता.

इसलिए तय रहा कि कल से हमारी कोऑर्डीनेशन टीम फिर से काम पर जुट रही है.

हमें अभी भी एसोसिएशन से कोई शिकायत नहीं है. अनुवादक इस कार्य को करने के लिए सक्षम हैं और वे इसे बिना किसी संदेह के पूरा भी करेंगे. आपसे विनती है कि रिजेक्‍शन लैटर जैसे कार्य जो केवल एसोसिएशन ही कर सकती है पूरा करने का कष्ट करें. हम आपके आभारी होंगे. हमें आशा है कि छोटी-मोटी औपचारिकताओं में जहां एसोसिएशन की आवश्‍यकता होगी एसोसिएशन हमारी मदद करेगी.
चलिए मित्रो सब कुछ भूल कर जुट जाते हैं लक्ष्‍य पर !!!

Sunday, 27 October 2013

अनुवादकों की दूसरी बैठक सफलतापूर्वक संपन्‍न. 29 अक्‍तूबर, 2013 तक एसोसिएशन के उत्‍तर की प्रतीक्षा.

शुक्रवार दोपहर (25 अक्‍तूबर, 2013) को अनुवादकों की दूसरी बैठक सफलतापूर्वक संपन्‍न हुई. संवर्ग के लगभग 45-50 अनुवादकों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कनिष्‍ठ अनुवादकों हेतु 4600 रू ग्रेड वेतन संबंधी मामले पर एक बार फिर विस्‍तार से चर्चा की गई. इस चर्चा के दौरान एक दिन पूर्व 24 अक्‍तूबर को एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक में विभाग को एक और रिप्रेजेंटेश भेजने हेतु लिए गए एसोसिएशन के फैसले पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया. आज की बैठक में भी एसोसिएशन के पदाधिकारियेां को भी आमंत्रित किया गया था परंतु एसोसिएशन का कोई प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुआ. तमाम पहलुओं पर चर्चा के उपरांत बैठक में मौजूद सभी सदस्‍यों ने सर्वसम्‍मति से कुछ महत्‍वपूर्ण फैसले लिए गए. जो इस प्रकार हैं :

1. परिस्थितियों को देखते हुए 4600 ग्रेड वेतन मामले में एसोसिएशन सरकार को कोई रिप्रेजेंटेशन न दे. और शीघ्रातिशीघ्र, जनवरी में राजभाषा विभाग को सौंपे गए प्रतिवेदन के खारिज होने के संदर्भ में विभाग से लिखित उत्‍तर प्राप्‍त किया जाए.

2. इस मामले का समाधान केवल न्‍यायालय के माध्‍यम से हो सकता है अतएव बिना समय गंवाए अगले सप्‍ताह में ही कैट में केस दायर किया जाए.

3. यह केस एसोसिएशन के नाम पर ही दायर किया जाए तो बेहतर होगा. यदि एसोसिएशन इस बात से सहमत नहीं होती है तो अनुवादकों द्वारा स्‍वतंत्र रूप से अगले सप्‍ताह में ही केस फाइल कर दिया जाएगा.

बैठक के उपरांत, कुछ अनुवादकों ने एसासिएशन के अध्‍यक्ष श्री दिनेश कुमार से मुलाकात कर उन्‍हें अनुवादकों के हस्‍ताक्षरों के साथ बैठक में लिए गए निर्णयों वाला पत्र सौंपा और बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार एसोसिएशन को दिनांक 29.10.2013 (मंगलवार) तक अपने निर्णय से अवगत कराने का अनुरोध किया. एसोसिएशन को मंगलवार तक का समय दिए जाने से हमारे कार्य की गति में व्‍यवधान तो आया है परंतु अगर इस कार्य में एसोसिएशन का सहयोग भी अनुवादकों को प्राप्‍त हो तो इससे श्रेयस्‍कर कार्य कुछ न होगा. बैठक की शुरूआत में ही इस बात को स्‍पष्‍ट किया गया था कि अनुवादकों का यह प्रयास एसोसिएशन के विरूद्ध नहीं है और यही अपेक्षा हम एसोसिएशन से भी करते हैं कि वह जनभावनाओं का आदर करे और उनके प्रयासों को कमजोर करने के बजाए उनकी मदद करे.

आज की बैठक में अंशदान की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई. प्रति व्‍यक्ति 1000 रू का अंशदान फिलहाल निम्‍नलिखित प्रतिनिधियों तक पहुंचाया जा सकता है. जल्‍द ही अन्‍य क्षेत्रों/भवनों के लिए अंशदान संग्रह करने वाले प्रतिनिधियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे.

*श्रीमती विशाखा बिष्‍ट, राजस्‍व विभाग, नॉर्थ ब्‍लॉक
*सुश्री पूनम विमल, कृषि मंत्रालय, कृषि भवन
*श्री सौरभ आर्य, वस्‍त्र मंत्रालय, उद्योग भवन
*श्री दीपक डागर, आर्थिक कार्य विभाग, नॉर्थ ब्‍लॉक
*श्री ओमप्रकाश कुशवाहा, रक्षा मंत्रालय
* श्री मणिभूषण, पर्यावरण मंत्रालय

बैठक में भाग लेने वाले सभी साथियों का आभार....आज इतनी भारी संख्‍या में प्रतिभागिता यकीनन उत्‍साह को बढ़ाने वाली थी. शुक्रिया उन सब का भी जो मजबूरियों के कारण आ तो न सके मगर संदेशों द्वारा इस प्रयास को अपना समर्थन दिया. आशा है संवर्ग के सभी अनुवादक अपने पूर्वाग्रहों को त्‍याग कर इस प्रयास में मदद करेंगे. याद रहे अपने लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए ये आखिरी मौका है. हमें एक लंबी लड़ाई लड़नी है जिसे हम मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे.

Wednesday, 23 October 2013

अनुवादकों की बैठक दिनांक 25 अक्‍तूबर, 2013 को दोपहर 1.30 बजे आयोजित होगी.

दोस्‍तो, अनुवादकों की अगली बैठक दिनांक 25.10.2013 (शुक्रवार) को दोपहर 1.30 बजे बोट क्‍लब के निकट लॉन में आयोजित की जाएगी. इस बैठक में, कनिष्‍ठ अनुवादकों हेतु 4600 रू ग्रेड वेतन संबंधी मामले में हमारी टीम द्वारा कैट में दायर किए जाने वाले केस के संबंध में चर्चा की जाएगी. वकीलों से अभी तक हुई चर्चा के उपरांत उनके द्वारा मांगी जा रही फीस को देखते हुए यह तय किया गया है कि प्रति व्‍यक्ति अंशदान 1000 रू रहेगा. यहां कुछ बातें साफ तौर पर कहनी हैं :

1. व्‍यवहारिक रूप से यह केस केवल चार-पांच पैटीशनर्स के नाम पर दायर किया जाएगा चूंकि पैटीशनरों की संख्‍या बढ़ने से वकीलों की फीस भी उसी अनुपात में बढ़ जाएगी. अतएव पैटीशनर इस केस में समस्‍त अनुवादकों के प्रतिनिधि होंगे और केस में सीएसओएलएस  के अनुवादकों के लिए सामूहिक रूप से रिलीफ मांगा जाएगा ।
2. हम प्रारंभ में सीएसओएलएस के अनुवादकों सहित अधीनस्‍थ कार्यालयों के अनुवादकों को भी पैटीशनर्स में शामिल करना चाहते थे मगर वकीलों ने परामर्श दिया है कि सीएसओएलएस एवं अधीनस्‍थ कार्यालयों के लिए एक साथ रिलीफ मांगने से मामला थोड़ा उलझ सकता है इसलिए प्रारंभिक स्‍तर हम केवल सीएसओएलएस के अनुवादकों की बात करें. दूसरी ओर, चूंकि अधीनस्‍थ कार्यालयों के अनुवादक सीएसओएलएस के साथ पहले ही पैरिटी पर हैं इसलिए उन्‍हें यह लाभ सीएसओएलएस के अनुवादकों को मिलते ही स्‍वत: ही मिल जाएगा. इसलिए प्रत्‍यक्ष तौर पर अधीनस्‍थ कार्यालयों के अनुवादक पैटीशनर्स में शामिल न होते हुए भी इस केस का हिस्‍सा रहेंगे. यदि अधीनस्‍थ कार्यालयों के साथी अंशदान में सहयोग कर हमारे हाथ मजबूत करेंगे तो हम उनके आभारी रहेंगे. 
3. एक महत्‍वपूर्ण बात यह है कि हम अदालत में तभी जा सकते हैं जब हमारे विभाग/सरकार ने हमारे रिप्रेजेंटेशन को खारिज कर दिया हो. सीएसओएलएस पर यह बात लागू होती है चूंकि सीएसओएलएस के रिप्रेजेंटेशन को खारिज किया जा चुका है. इसलिए अधीनस्‍थ कार्यालयों के अनुवादक साथियों के लिए परामर्श है कि वे भी अपने अपने विभागों में श्रीमती लीना और एरनाकुलम फुल बैंच के 14 अक्‍तूबर, 2013 के आदेश के आलोक में 4600 ग्रेड वेतन दिए जाने का प्रतिवेदन दें. विभाग इसे राजभाषा विभाग को प्रेषित करते हैं या नहीं यह बाद की बात होगी. और यदि राजभाषा विभाग उन्‍हें ठुकराता है तो यह कोर्ट केस में मददगार साबित होगा. इसलिए तैयारियां पूरी रखें.
4. अंशदान 25 अक्‍तूबर को प्रस्‍तावित बैठक में मौके पर ही टीम के सदस्‍यों द्वारा एकत्र किया जाएगा. अतएव अंशदान के इच्‍छुक साथी अंशदान की राशि बैठक में साथ लेकर ही आएं. अंशदान के रखरखाव की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी. प्रत्‍येक अंशदाता का विवरण सार्वजनिक किया जाएगा. 

यह बैठक बहुत महत्‍वपूर्ण है और इसमें आप सभी की प्रतिभागिता अपेक्षित है....क्‍योंकि इस बैठक में इस केस के संबंध में हम सभी को महत्‍वपूर्ण निर्णय लेने हैं. चलिए मिलकर लड़ते हैं ये आखिरी जंग....ताकि भविष्‍य में हमें कभी इसलिए शर्मिंदा न होना पड़े हमने सलीके से एक प्रयास भी नहीं किया. जीतने के लिए पहली शर्त आत्‍मविश्‍वास के साथ लड़ना है !!!


नोट: मित्रो समय कम है और हम व्‍यक्तिगत रूप से सभी अनुवादकों तक संदेश पहुंचा पाने में असमर्थ हैं....अतएव आप सभी से अनुरोध है कि कृपया इस बैठक की सूचना और संदेश अधिक से अधिक अनुवादक साथियों तक पहुंचाने का कष्‍ट करें.

Saturday, 19 October 2013

क्‍या आप साथ देंगे 4600 ग्रेड पे लिए दायर किए जाने वाले केस में ?

प्रिय मित्रो, अब तक के अपडेट्स से आप जान ही चुके हैं कि सीएसओएलएस संवर्ग के अनुवादक 1.1.2006 से कनिष्‍ठ अनुवादकों हेतु 4600 ग्रेड वेतन लागू किए जाने के संबंध में शीघ्र ही कैट की दिल्‍ली ब्रांच में एक केस फाइल करने जा रहे हैं. 15 अक्‍तूबर को हुई अनुवादकों की एक विशेष बैठक में सभी ने सर्वसम्‍मति से यह फैसला लिया है. इस बैठक के बाद आए एक और कैट फैसले ने न केवल हमारे उत्‍साह को बढ़ाया है बल्कि इस बात की भी पुष्टि की है कि हम एकदम सटीक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. हमारे पास अब समय बहुत कम है. बहुत तेजी से कार्य करने की आवश्‍यकता है. हम सभी जानते हैं कि कोर्ट केस में वकील की फीस व अदालती प्रक्रिया में काफी खर्च आता है. यह कुछ लोगों के बस की बात नहीं होगी. जब इस केस का फायदा सभी को होना तय है तो क्‍यों न हम सभी मिलकर इस जंग को लड़ें ताकि हर कंधे पर बोझ कम पड़े. हमारी कोआर्डीनेशन टीम अगले सप्‍ताह में वकील तय करने से लेकर ड्राफ्टिंग आदि के कार्यों को सम्‍पन्‍न कर लेगी. वकील से उनकी फीस तय होने के उपरांत कोऑर्डीनेशन कमेटी प्रति व्‍यक्ति अंशदान की राशि तय करेगी. हमारी कोशिश है कि यह राशि कम से कम रखी जाए. मगर उससे पहले हमारे लिए यह जानना आवश्‍यक है कि हममें से कौन कौन इस केस में अंशदान के लिए तैयार है? ताकि हमें हमारी ताकत का अंदाजा हो और हम आगे की प्रक्रिया को बिना समय गंवाए आगे बढ़ा सकें. यह केस कनिष्‍ठ अनुवादकों एवं वरिष्‍ठ अनुवादकों दोनों से समान रूप से जुड़ा है. अतएव सभी अनुवादकों से अपेक्षा है कि आप आगे आकर इस आखिरी लड़ाई में हमारी ताकत बनें. ये हम सबकी अपनी लड़ाई है.

अभी हम उन साथियों की एक सूची तैयार कर रहे हैं जिनसे हमें अंशदान की राशि तय होने के उपरांत संपर्क करना है. यदि आप इस संघर्ष में अपना सहयोग व अंशदान देना चाहते हैं तो (मंगलवार तक)

* कृपया इस पोस्‍ट के कमेंट सैक्‍शन में सिर्फ YES पोस्‍ट कर दें.
* अथवा 09711337404 (सौरभ आर्य) / 09871136098 (दीपक डागर) पर "YES FOR 4600" लिख कर अपना NAME and Department का नाम SMS कर दें.
* आप चाहें तो नाम और विभाग का नाम अपने फोन नंबर सहित कमेंट सैक्‍शन में भी पोस्‍ट कर सकते हैं.
* अथवा ई मेल आईडी translatorsofcsols@yahoo.in पर भी भेज सकते हैं.

नोट: चूंकि यह मामला सीएसओएलस सहित अधीनस्‍थ कार्यालयों के अनुवादक साथियों के लिए भी समान रूप से संबंध रखता है इसलिए इस प्रयास में सभी का स्‍वागत है.

अपील : कृपया इस संदेश को अधिक से अधिक अनुवादक साथियों तक पहुंचाने का कष्‍ट करें. ONLINE या OFFLINE ये संदेश सभी तक पहुंचना चाहिए. अब जब यह हम सबकी अपनी जंग है तो इससे ज्‍यादा और क्‍या कहूं. चलिए जुट जाते हैं जी-जान से इस आखिरी प्रयास में 

Thursday, 17 October 2013

कनिष्‍ठ अनुवादक हेतु 1.1.2006 से 4600 ग्रेड वेतन के संबंध में एरनाकुलम कैट ने दिया एक और महत्‍वपूर्ण फैसला.

सभी दोस्‍तों को जानकर हर्ष होगा कि 1.1.2006 से कनिष्‍ठ अनुवादकों हेतु 4600 रू ग्रेड वेतन की लड़ाई में एक और महत्‍वपूर्ण अदालती फैसला आ चुका है. जिसने कनिष्‍ठ अनुवादक की 1.1.1006 से 13.11.2009 के व्‍यय विभाग के का.ज्ञा. के आधार पर 4600 ग्रेड वेतन की मांग के संदर्भ में सभी संशयों को दूर कर दिया है. दिनांक 14 अक्‍तूबर, 2013 को एरनाकुलम कैट की फुल बैंच द्वारा पी.आर. आनंदावल्‍ली एवं श्री टी.एम.थॉमस के मामलों में एक महत्‍वपूर्ण फैसला देते हुए कनिष्‍ठ अनुवादकों की 1.1.2006 से 13.11.2009 के का.ज्ञा. के आधार पर मांग को जायज ठहराया है और कहा है कि इस विषय का फैसला पहले ही श्रीमती टी पी लीना के मामले में केरला उच्‍च न्‍यायालय में किया जा चुका है. (गौरतलब है कि श्रीमती टीपी लीना का मामला 4600 ग्रेड पे का न होकर पूर्णतया एमएससीपी के निर्धारण का था. मगर तमाम न्‍यायालयों ने माना है कि श्रीमती लीना के केस की एक महत्‍वपूर्ण फाइंडिंग यह भी थी कि 1.1.2006 को क. अनुवादक 13.11.2009 के का.ज्ञा. के अनुसार 4600 ग्रेड पे के हकदार हैं) . तकनीकी रूप से सरकार अब अपने स्‍टैंड को नहीं बदल सकती है. 

इस हालिया फैसले का मजमून स्‍वयं में बड़ा रोचक है. आप सभी अवश्‍य इसका अध्‍ययन करें. इस फैसले में माननीय केरला कैट ने ठीक उसी लाइन पर फैसला दिया है जिस पर अनुवादकों की हाल ही में दिनांक 15 अक्‍तूबर को बोट क्‍लब पर हुई बैठक में चर्चा की गई थी. इससे स्‍पष्‍ट होता है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. साथियों इस फैसले से हमारे उत्‍साह में अभिवृद्धि हुई है.....आइए और दुगने उत्‍साह से अपने लक्ष्‍य की ओर आगे बढ़ें. हम लडेंगे और हर हाल में जीतेंगे. हां, यहां श्रीमती टीपी लीना का जितना भी धन्‍यवाद दिया जाए कम ही होगा. उन्‍होंने ही इस अंधेरे में रौशनी की पहली किरण देशभर के अनुवादकों को दिखाई है. श्रीमती लीना ने इस फैसले की जो प्रति मुझे प्रेषित की है उसे आप सभी के ध्‍यानार्थ यहां प्रस्‍तुत कर रहा हूं. आपकी प्रतिक्रियाओं का स्‍वागत है. 


फैसले की प्रति Translators' Club की संबंधित पोस्‍ट से डाउनलोड की जा सकती है. 

Tuesday, 15 October 2013

अनुवादकों की बैठक सफलतापूर्वक संपन्‍न. अनुवादक स्‍वयं लड़ेंगे 1.1.2006 से 4600 ग्रेड वेतन का केस.

कनिष्‍ठ अनुवादकों को 1.1.2006 से 4600 ग्रेड वेतन दिए जाने के विषय पर आज बोट क्‍लब के निकट अनुवादकों की एक विशेष बैठक आयोजित हुई. बैठक में 1.1.2006 के उपरांत उत्‍पन्‍न हुई परिस्थितियों और कनिष्‍ठ अनुवादकों की 4600 ग्रेड वेतन की लड़ाई के सभी पहलुओं पर विस्‍तार से चर्चा की गई. चर्चा के दौरान तमाम प्रश्‍नों पर तथ्‍यों और तर्कों के साथ विचार-विमर्श किया गया. यहां उल्‍लेखनीय है कि आज की बैठक के लिए किसी भी अनुवादक साथी को फोन करके नहीं बुलाया गया था...मगर यह हर्ष का विषय था कि इस संवेदनशील विषय पर कुल 26 अनुवादकों ने भाग लिया. परंतु यह खेद का विषय था कि आमंत्रित किए जाने के बावजूद इस बैठक में एसोसिएशन से एक भी पदाधिकारी/सदस्‍य शामिल नहीं हुआ. मगर इससे बैठक में मौजूद अनुवादकों का उत्‍साह कम नहीं हुआ. इधर यह स्‍पष्‍ट है कि सातवें वेतन आयोग के गठन की घोषण के आलोक में इस दिशा में कार्रवाई किए जाने के लिए बहुत कम समय बचा है. इस दौरान कुछ सकारात्‍मक कोर्ट आर्डर्स आए हैं जिनसे हमारा उत्‍साह बढ़ा है. विभिन्‍न पहलुओं पर विचार के उपरांत सभी सदस्‍यों ने समवेत स्‍वर से इस विषय में स्‍वयं आगे कार्रवाई किए जाने का निर्णय लिया.

आज की बैठक में लिए गए महत्‍वूपूर्ण निर्णय इस प्रकार हैं :
1. 4600 ग्रेड वेतन मामले में एक केस कैट में दायर किया जाएगा.
2. इस केस को दायर करने के लिए एक आठ सदस्‍यीय कोआर्डीनेशन कमेटी गठित की गई है जिसके सदस्‍य इस प्रकार हैं :

*श्रीमती विशाखा बिष्‍ट, राजस्‍व विभाग, नॉर्थ ब्‍लॉक
*सुश्री पूनम विमल, कृषि मंत्रालय, कृषि भवन
*श्रीमती भावना मदान, वाणिज्य विभाग, उद्योग भवन
*श्री सौरभ आर्य, वस्‍त्र मंत्रालय, उद्योग भवन
*श्री दीपक डागर, आर्थिक कार्य विभाग, नॉर्थ ब्‍लॉक
*श्री ओमप्रकाश कुशवाहा, रक्षा मंत्रालय
*श्री प्रमोद कुमार, रक्षा मंत्रालय,
*श्री अंकुर भटनागर, भारी उद्योग मंत्रालय

3. अनुवादकों की अगली बैठक आगामी सप्‍ताह में आयोजित की जाएगी.
4. इस सप्‍ताह न्‍यायालय में केस दायर करने की तैयारियों को अंतिम रूप देकर अगले सप्‍ताह बैठक में मसौदे पर चर्चा कर अगले सप्‍ताह में ही कैट में केस दायर किया जाएगा. इसके लिए शीघ्र ही एडवोकेट से परामर्श किया जाएगा.
5. चूंकि एडवोकेट प्रारंभ में ही लगभग 50 प्रतिशत फीस की मांग करेंगे अतएव अगले सप्‍ताह तक इस 50 प्रतिशत फीस की व्‍यवस्‍था करना.
6. यह केस चूंकि सभी अनुवादक मिलकर लड़ेंगे इसलिए वकील से बातचीत के उपरांत ही अंशदान की राशि निर्धारित की जाएगी....और सभी अनुवादक स्‍वेच्‍छा से योगदान करेंगे. इसके लिए शीघ्र ही सूचना दी जाएगी.
7. चूंकि यह मामला सीएसओएलएस सहित अधीनस्‍थ कार्यालयों के अनुवादकों से भी जुड़ा हुआ है अतएव वे भी बराबर रूप से इस लड़ाई का हिस्‍सा रहेंगे.
8. अनुवादकों की बैठकें नियमित अंतराल पर आयोजित होंगी जिसमें सभी अनुवादक आमंत्रित होंगे.
9. इस केस को लड़ने की पूरी प्रक्रिया पूर्णतया पारदर्शी, समावेशी और लोकतांत्रिक होगी. कार्रवाई से जुड़े सभी सदस्‍यों को समान अधिकार प्राप्‍त होगा.

यहां विशेष रूप से उल्‍लेखनीय है कि अनुवादकों द्वारा किया जा रहा यह प्रयास किसी व्‍यक्ति अथवा संस्‍था विशेष के विरूद्ध नहीं है. यह अनुवादकों के साझे हितों का प्रश्‍न मात्र है जिसे विशेष परिस्थितियों में अनुवादकों द्वारा सुलझाने का एक और प्रयास भर समझा जाना चाहिए. सभी उपस्थित सदस्‍यों का आभार....हमें आशा है कि आने वाले दिनों में और अनुवादक साथी भी इस मिशन से जुड़ेंगे.

Tuesday, 8 October 2013

4600 ग्रेड पे के लिए अनुवादकों की बैठक 15 अक्‍तूबर, 2013 को

दोस्‍तो, आप जानते ही हैं कि कनिष्‍ठ अनुवादको के लिए 4600 ग्रेड वेतन के संबंध में एसोसिएशन की ओर से जनवरी माह में भेजे गए प्रतिवेदन को व्‍यय विभाग द्वारा रिजेक्‍ट किया जा चुका है. इधर 1986 का मामला भी न्‍यायालय में प्रतीक्षित है. 1986 का यह केस कनिष्‍ठ अनुवादकों के लिए पूरी तरह कारगर होगा अथवा नहीं इस संबंध में आज तक अनुवादकों के मध्‍य मतैक्‍य नहीं हो पाया है. फिर भी हम इस मामले को भी पूरी ताकत से लड़े जाने के पक्ष में हैं. मगर अनुभव को देखते हुए मात्र इस केस के भरोसे इस विषय को नहीं छोड़ा जा सकता. सातवें वेतन आयोग के गठन और तमाम आसन्‍न खतरों की शंकाओं के मध्‍य यहां कुछ अनुवादक साथी पिछले काफी समय से विभिन्‍न दृष्टिकोण से 4600 ग्रेड पे की मांग को पूरा कराने के सभी संभावित विकल्‍पों पर कार्य कर रहे हैं. तमाम मंत्रालयों में आरटीआई के जरिए आवश्‍यक सूचनाएं प्राप्‍त करना, तमाम दस्‍तावेजों का अध्‍ययन और कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श इस पूरी कवायद का हिस्‍सा रहा है. इस दौरान कई महत्‍वपूर्ण तथ्‍य और दस्‍तावेज भी सामने आए हैं. अब कुछ नतीजे हैं, कुछ सुझाव हैं....जिनके आधार पर तुरंत कार्रवाई की जरूरत महसूस हो रही है. चूंकि सातवें वेतन आयोग के गठन के बाद अब ये प्रयास शायद आखिरी बार ही होंगे इसलिए हम कोई गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते. इसके लिए आप सभी मित्रों का भी सहयोग चाहिए. इसलिए जो भी अनुवादक साथी इस विषय के प्रति चिंतित हैं....कोई सुझाव देना चाहते हैं/सहायता करना चाहते हैं....वे सभी दिनांक 15 अक्‍तूबर, 2013 (मंगलवार) को दोपहर 1.30 बजे बोट क्‍लब के निकट लॉन में आमंत्रित हैं. हम सभी इस विषय पर चर्चा के उपरांत सर्वसम्‍मति से एक निर्णय लेंगे और जिस भी स्‍तर पर कार्रवाई अपेक्षित होगी.....प्रयास करेंगे. हमें पूरी आशा है कि संवर्ग के हित की बात को सशक्‍त रूप से किसी मंच पर रखने के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारी हमारा सहयोग करेंगे. हमारा सहयोग जहां भी अपेक्षित होगा.....हम देने के लिए सदैव तत्‍पर रहेंगे. चूंकि यह मामला सभी अनुवादकों से जुड़ा हुआ है अतएव इस बैठक में अधीनस्‍थ कार्यालयों के अनुवादक भी आमंत्रित हैं. 

नोट: यह बैठक पूर्व में दिनांक 14 अक्‍तूबर, 2013 (सोमवार) को प्रस्‍तावित थी जोकि अब 15 अक्‍तूबर को 1.30 बजे आयोजित होगी.