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Monday, 8 May 2023

सचिव महोदया के साथ एसोसिएशन की बैठक और मामलों की अद्यतन स्थिति


केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा अनुवाद अधिकारी एसोसिएशन की दिनांक 13.04.2023 को राजभाषा विभाग की सचिव महोदया, श्रीमती अंशुली आर्या जी के साथ एक बैठक संपन्‍न हुई। इस बैठक में अनुवाद अधिकारियों से जुड़े विभिन्‍न ज्‍वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई।


कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए 4600 रु. ग्रेड वेतन: इस विषय में सचिव महोदया को स्‍मरण कराया गया कि दिसंबर, 2022 में एसोसिएशन की पहली बैठक में एसोसिएशन ने अदालती मामलों के आधार पर चल रही फाइल को गति प्रदान करने और नए सिरे से एक नया प्रस्‍ताव व्‍यय विभाग को भेजे जाने का अनुरोध किया था। जिसके उपरांत लीगल मामलों की फाइल आईएफडी के प्रश्‍नों के आलोक में डीओपीटी को भेजी गई थी और कुछ प्रश्‍नों का उत्‍तर राजभाषा विभाग द्वारा दिया जाना था। सचिव महोदया ने कैट की विभिन्‍न शाखाओं द्वारा अनुवाद अधिकारियों के पक्ष में दिए जा रहे विभिन्‍न फैसलों से जुड़े मामलों को गहराई से समझने का प्रयास किया।

इस विषय पर विस्‍तार से चर्चा के उपरांत सचिव महोदया ने इस फाइल को अविलंब आईएफडी के माध्‍यम से व्‍यय विभाग को अग्रेषित करने के निदेश दिए। (अद्यतन स्थिति के अनुसार यह फाइल पुन: आईएफडी को भेज दी गई है और वहां से, यदि कोई नई आपत्ति/प्रश्‍न नहीं होता है तो व्‍यय विभाग को प्रेषित की जाएगी)

एसोसिएशन ने पुन: स्‍मरण कराया कि इस लीगल मामले के अतिरिक्‍त कनिष्‍ठ एवं वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के ग्रेड वेतन उन्‍नयन के लिए नए सिरे से प्रस्‍ताव व्‍यय विभाग को भेजने पर विगत बैठक में सह‍मति बनी थी जिस पर एसोसिएशन ने आवश्‍यक दस्‍तावेज भी दिसंबर,22 में विभाग को उपलब्‍ध करा दिए थे और एक नई फाइल भी विभाग द्वारा चलाई गई थी। परंतु इस मामले में कोई विशेष प्रगति अभी तक नहीं हुई है। उल्‍लेखनीय है कि वेतन उन्‍नयन का मामला संवर्ग समीक्षा के माध्‍यम से भी उठाया गया था जिस पर संवर्ग समीक्षा समिति ने इस मामले में Financial Implication होने के कारण इस मामले को व्‍यय विभाग के साथ उठाने के निदेश दिए हैं। एसोसिएशन ने आग्रह किया कि लीगल मामले की प्रगति को इस मामले से अलग रखते हुए विभाग इस मामले को व्‍यय विभाग को अग्रेषित करे।

सचिव महोदया ने इस प्रस्ताव में कुछ और तथ्‍यों को शामिल करते हुए इसे भी व्‍यय विभाग के साथ उठाने के निदेश दिए।

APAR के लिए स्‍पैरो जैसी ऑनलाइन प्रणाली: एसोसिएशन की ओर से अध्‍यक्ष, श्री सौरभ आर्य ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को स्‍मरण कराया कि एसोसिएशन की पहली बैठक में यह मुद्दा उठाया गया था। सचिव महोदया ने एसोसिएशन को अवगत कराया कि वे इसके लिए अनुमोदन दे चुकी हैं और यह मामला प्रगति में है। एसोसिएशन ने पुन: सचिव महोदया से आग्रह किया कि यह एक तकनीकी मामला है और राजभाषा विभाग शीघ्र ही तकनीकी सम्‍मेलन आयोजित करने जा रहा है। यदि इस प्रणाली को इस सम्‍मेलन में लॉन्‍च किया जा सके तो तकनीकी सम्‍मेलन का आयोजन और अधिक सार्थक सिद्ध होगा।

सचिव महोदया ने कहा कि इसे संभव बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा।

डीआर की बैकलॉग वेकेंसियों को पदोन्‍नति के माध्‍यम से भरा जाना: एसोसिएशन ने सचिव महोदया को अवगत कराया कि डीआर की बैकलॉग वेकेंसियों का मामला संवर्ग के सामने एक गंभीर समस्‍या है और इसका स्‍थायी समाधान होना चाहिए। उल्‍लेखनीय है कि एसोसिएशन इस विषय में विभाग के सभी अधिकारियों के साथ पहले से चर्चा करती रही है और इसका श्रेष्‍ठ समाधान खोजने का आग्रह करती रही है। एसोसिएशन ने विभाग से आग्रह किया है कि डीआर के बैकलॉग पदों को पदोन्‍नति कोटे से भरे जाने के लिए प्रयास किया जाए ताकि बरसों से पदोन्‍नति की प्रतीक्षा कर रहे वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी पदोन्‍नत हो सकें। हमारे भर्ती नियमों में 25% सीधी भर्ती का प्रावधान मौजूद होने के चलते इन सीर्धी भर्ती के समस्‍त पदों को पदोन्‍नती कोटे में परिवर्तित किया जाना कठिन कार्य है। उधर यह भी सत्‍य है कि विभाग वर्ष 2015 के बाद से आज तक 1 भी पद सीधी भर्ती से नहीं भर पाया है और यह समस्‍या बढ़ती जा रही है। इसलिए एक ऐसा रास्ता निकालना आवश्यक है जिससे डीओपीटी सहमत हो सके।

उल्‍लेखनीय है कि वर्ष 2021 में नए भर्ती नियम अधिसूचित किए गए थे। इसलिए अब विभाग 2021 को आधार वर्ष मानकर 2021 से 2023 तक की सीधी भर्ती के लगभग 11 पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने के लिए यूपीएससी को भेजने पर विचार कर रहा है और शेष पदों को पदोन्‍नति से भरने के लिए डीओपीटी से छूट मांगी जाएगी। यदि यह संभव होता है तो सहायक निदेशक के लगभग 54 पद पदोन्‍नति से भर्ती के लिए संवर्ग को मिल सकेंगे। यहां यह भी उल्‍लेखनीय है कि एसोसिएशन तात्‍कालिक रूप से वर्ष 2023 तक इस समस्‍या के निपटान के साथ-साथ भविष्‍य के लिए भर्ती नियमों में सीधी भर्ती के 25% के अनुपात को और कम करने सहित कुछ अन्‍य संशोधनों के लिए भी प्रयासरत है ताकि भविष्‍य में संवर्ग के कनिष्‍ठ साथियों पर इन भर्ती नियमों का न्‍यूनतम प्रभाव पड़े।

सचिव महोदया ने कहा, कि उन्‍होंने संवर्ग के हित में एक फैसला लिया है और वे आशा करती हैं कि संवर्ग के लोग इस समस्‍या के समाधान में विभाग का साथ देंगे।

सीधी भर्ती की परीक्षा के स्‍वरूप में बदलाव: एसोसिएशन ने सचिव महोदया को अवगत कराया कि अंतिम बार सीधी भर्ती परीक्षा वर्ष 2015 में आयोजित की गई थी इस परीक्षा का पैटर्न न्‍यायसंगत नहीं था। उपस्थित अधिकारियों को अवगत कराया गया कि मात्र 150 हिंदी साहित्‍य के मल्‍टीपल चॉइस प्रश्‍नों के आधार पर किसी सहायक निदेशक (रा.भा.) का चयन तर्कसंगत नहीं है। इस परीक्षा पद्धति से भर्ती होने वाले सहायक निदेशक अनुवाद कार्य की विधीक्षा में सक्षम सिद्ध नहीं होंगे। इससे कहीं अधिक कठिन परीक्षा कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी की होती है। एसोसिएशन ने इस परीक्षा के स्‍वरूप को और अधिक तर्कसंगत और कठिन बनाने के लिए कुछ सुझाव सचिव महोदया के समक्ष रखे। एसोसिएशन शीघ्र ही इस विषय में विस्‍तृत रूप-रेखा के साथ एक अभ्‍यावेदन भी विभाग को सौंपेगी।

सचिव महोदया ने एसोसिएशन के सुझावों पर अपनी सहमति व्‍यक्‍त की और इसमें अपेक्षित संशोधन किए जाने के लिए आवश्‍यक कार्रवाई का आश्‍वासन दिया।

नए भर्ती कनिष्‍ठ अनुवादकों के लिए इंडक्‍शन ट्रेनिंग: एसोसिएशन के पदाधिकारयों ने सचिव महोदया को अवगत कराया कि भर्ती होने के उपरांत वर्षों तक कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की किसी भी प्रकार की ट्र‍ेनिंग नहीं हो पाती है। जिससे कार्य की गुणवत्‍ता पर असर पड़ता है और अनुवाद अधिकारियों का संवर्ग के साथ उचित तालमेल नहीं बैठ पाता है। सचिव महोदया ने अवगत कराया कि विभाग जल्‍दी ही 2022 बैच के कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की तैनाती करने जा रहा है और उनका प्रयास है कि अधिकांश लोग 26 मई को आयोजित होन वाले तकनीकी सम्‍मेलन में भाग ले सकें ताकि वे अपने संवर्ग के लोगों के साथ मिल-जुल सकें।

नए भर्ती होने वाले कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए संक्षिप्‍त इंडक्‍शन ट्रेनिंग दिए जाने के एसोसिएशन के प्रस्‍ताव पर सचिव महोदया ने स‍हमति प्रदान की

पदोन्‍नति के लिए प्रशिक्षण हेतु अधिकांश वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों को प्रशिक्षण: अध्‍यक्ष, श्री सौरभ आर्य ने उपस्थित अधिकारियों को अवगत कराया कि नवंबर माह में लगभग 41 सहायक निदेशकों के उप निदेशक (रा. भा.) के पद पर पदोन्‍नति के लिए योग्‍य होने तथा निकट भविष्‍य में डीआर की बैकलॉग वेकेंसियों के संभावित समाधान के आलोक में सृजित होने वाले सहायक निदेशकों के पदों के लिए हमें पर्याप्‍त संख्‍या में ट्रेनिंग पूरी कर चुके वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की आवश्‍यकता होगी। इसके लिए लगभग 50 वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के जिस एक बैच को अभी प्रशिक्षण दिया जा रहा है वह पर्याप्‍त नहीं होगा। प्रशिक्षण के अभाव में पदोन्‍नति संभव नहीं हैं इसलिए इस मामले को गंभीरता से लिए जाने की आवश्‍यकता है।

सचिव महोदया ने निर्देश दिए कि वर्ष 2023 में वर्ष भर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर यथासंभव वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

पदोन्‍नति पर अधिकारियों को उनके स्‍थान पर रिटेन किया जाना: सचिव महोदया को अवगत कराया गया कि विभाग द्वारा पदोन्‍नति पर अक्‍सर अधिकारियों को उनके पूर्व कार्यालय में ही रिटेन किए जाने से संवर्ग के लोगों में रोष है। एसोसिएशन ने कहा कि विभाग द्वारा पदोन्‍नति नीति को अक्षरश: लागू किया जाना चाहिए और पदोन्‍नति पर अधिकारियों को अनिवार्य रूप से स्‍थानांतरण किया जाए। कई ऐसे उदाहरण हैं अधिकारी पिछले लंबे अरसे से तैनात हैं और पदोन्‍नतियों के बावजूद उनका स्‍थानांतरण नहीं किया गया। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि पदोन्‍नति नीति के अनुसार 5 वर्ष की सेवा के उपरांत अधिकारियों का अनिवार्य रूप से स्‍थानांतरण किया जाए।

सचिव महोदया ने कहा कि अत्‍यंत विशेष परिस्थितियों में ही अधिकारियों को रिटेन किया जाता है। भविष्‍य में इस दिशा में और अधिक सतर्कता बरती जाएगी।

वर्ष 2023 की रिक्तियों के लिए सहायक निदेशक के पद पर पदोन्‍नति: इस मामले से संबंधित फाइल गृह मंत्रालय के आईएफडी प्रभाग को भेजी गई है। वहां से लौटने के उपरांत इसे यूपीएससी भेजा जाएगा। इस दौरान एसोसिएशन ने वर्ष 2023 की रिक्तियों की सही गणना करने और अद्यतन वरिष्‍ठता सूची जारी करने का अनुरोध विभाग से किया है। 

सचिव महोदया की अध्‍यक्षता में संपन्‍न हुई इस बैठक में एसोसिएशन की ओर से अध्‍यक्ष श्री सौरभ आर्य, उपाध्‍यक्ष, श्रीमती विशाखा बिष्‍ट एवं महासचिव, श्री सुनील चौरसिया ने भाग लिया। इस बैठक में राजभाषा विभाग से संयुक्‍त सचिव, श्रीमती मीनाक्षी जौली, परामर्शदाता श्री राकेश दुबे, उप सचिव, श्री अनिल कुमार तथा सहायक निदेशक (रा.भा.), श्री राजेश कुमार भी मौजूद थे। अनुवाद अधिकारियों से जुड़े मामलों को गंभीरतापूर्वक सुनने और उन पर अपेक्षित कार्रवाई करने का वायदा करने के लिए एसोसिएशन सचिव महोदया, संयुक्‍त सचिव महोदया और विभाग के सभी अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट करती है। आशा है जल्‍दी ही उपर्युक्‍त सभी मामलों में प्रगति होगी और एक-एक कर सभी कार्य संपन्‍न होंगे।

Wednesday, 30 November 2022

राजभाषा विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ एसोसिएशन की पहली बैठक सफलतापूर्वक संपन्‍न


मित्रो, नवगठित एसोसिएशन के पदाधिकारियों की आज राजभाषा विभाग की सचिव महोदया, श्रीमती अंशुली आर्या जी तथा संयुक्‍त सचिव, श्रीमती मीनाक्षी जौली जी के साथ शिष्‍टाचार भेंट सफलतापूर्वक संपन्‍न हुई। बैठक की शुरुआत में अध्‍यक्ष, श्री सौरभ आर्य ने सभी पदाधिकारियों का परिचय कराया। 

राजभाषा विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ एसोसिएशन के पदाधिकारी


बैठक की शुरुआत में अध्यक्ष, श्री सौरभ आर्य ने सचिव महोदया के कार्यकाल में अनुवाद अधिकारियों की पदोन्नति के मामलों में आई नियमितता के लिए अनुवाद अधिकारियों की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया। सचिव महोदया ने इसका श्रेय राजभाषा विभाग के सेवा प्रभाग और निदेशक श्री बी. एल. मीना जी को दिया। तदुपरांत, श्री सौरभ आर्य ने सचिव महोदया के समक्ष संवर्ग की विभिन्‍न समस्‍याओं को सिलसिलेवार तरीके से प्रस्‍तुत किया जो निम्‍नानुसार हैं:

1. कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए 4600 ग्रेड वेतन के मामले से जुड़े विभिन्‍न पक्षों को विस्‍तार से प्रस्‍तुत किया गया। सचिव महोदया को अवगत कराया गया कि किस प्रकार न्‍यूनतम वेतनमान कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के मनोबल को तोड़ता है और क्‍यों नए भर्ती होने वाले अनुवाद अधिकारी शीघ्र ही अन्‍य सेवाओं में जाने के लिए प्रयासरत रहते हैं। इसी प्रकार वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी बरसों तक अराजपत्रित श्रेणी के कर्मचारी बनकर रह जाते हैं। अन्‍य संवर्गों में अनुवादकों को मिल रहे वेतनमान पर भी चर्चा हुई।

सचिव महोदया ने इस मामले में पूरी दिलचस्‍पी लेते हुए इस दिशा में तत्‍काल ही ठोस कार्रवाई का आश्‍वासन दिया और अधिकारियों को इस मामले में कार्रवाई शुरू करने के निदेश जारी किए।

 

2. प्रशिक्षण ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन मोड में दिये जाने के मामले में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सचिव महोदया को अवगत कराया कि इस समय विभिन्‍न स्‍तरों पर जो ऑनलाइन प्रशिक्षण अनुवाद अधिकारियों को दिए जा रहे हैं उनकी तुलना में ऑफलाइन प्रशिक्षण अनुवाद अधिकारियों के लिए ज्‍यादा लाभप्रद सिद्ध होंगे। एसोसिएशन ने सचिव महोदया से इस संबंध में दो अनुरोध किए।

   1. वर्ष 2023 से सभी अनुवाद अधिकारियों को ऑफलाइन मोड में प्रशिक्षण प्रदान किया जाए  और इसका स्‍तर सुधारा जाए।

       2. नए भर्ती होने वाले अनुवादकों को उनकी सेवा की शुरूआत में ही प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

सचिव महोदया ने आश्‍वासन दिया कि अगले वर्ष से सभी प्रशिक्षण ऑफलाइन मोड में ही दिए जाएंगे और नए बैच को भर्ती के तत्‍काल बाद प्रशिक्षण के लिए व्‍यवस्‍था बनाने के लिए वरिष्‍ठ अधिकारियों को निदेश दिए।

 

3. अनुवाद अधिकारियों की एपीएआर के लिए ऑनलाइन प्रणाली के विषय में सचिव महोदया का ध्‍यान आकर्षित किया गया। उन्‍हें अवगत कराया गया कि पदोन्‍नति के लिए डीपीसी के समय हर बार एपीएआर समय पर उपलब्‍ध न हो पाना किस प्रकार बाधा बन रहा है। अनुवादकों द्वारा समय से भेजे जाने के बावजूद एपीएआर विभाग तक नहीं पहुंच पाती हैं अथवा गुम हो जाती हैं।

सचिव महोदया ने इस तथ्‍य का संज्ञान लिया और अधिकारियों को इस दिशा में कार्रवाई प्रारंभ करने के निदेश दिए।

4. सीधी भर्ती कोटे की यूपीएससी से लौटी रिक्तियों को पदोन्‍नति से भरने के विषय में भी सचिव महोदया से चर्चा की गई। इस पर बैठक में मौजूद अधिकारियों ने एक कोर्ट केस के लंबित होने का हवाला दिया। इस पर अध्‍यक्ष, श्री सौरभ आर्य ने कहा कि यदि विभाग इन रिक्तियों से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले लोगों के हितों को सुरक्षित रखने का आश्‍वासन दे तो यह मामला स्‍वत: समाप्‍त हो सकता है। अधिकारियों ने इस मामले में भी गतिरोध को दूर करने का आश्‍वासन दिया है।

 

बैठक में कुछ अन्‍य मामलों पर भी संक्षिप्‍त में चर्चा हुई। सचिव महोदया ने भी एसोसिएशन के युवा पदाधिकारियों की सार्थक प्रस्‍तुति के लिए प्रशंसा की और समस्‍याओं के निपटान में एसोसिएशन के पदाधिकारियों का भी सहयोग मांगा जिस पर एसोसिएशन ने अपनी ओर से विभाग को हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्‍वासन दिया है। सचिव महोदया ने एसोसिएशन को आश्‍वासन दिया कि अनुवाद अधिकारियों की समस्‍याओं को दूर करने के लिए विभाग तत्‍परता से कार्य करेगा और उन्‍होंने एसोसिएशन को भविष्‍य में भी समय-समय पर इस प्रकार की बैठकों के लिए आमंत्रण दिया। सचिव महोदया की सहृदयता के लिए एसोसिएशन ने आदरणीय सचिव महोदया का आभार व्‍यक्‍त किया।


इस अवसर पर राजभाषा विभाग के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे जिनमें आदरणीय श्रीमती मीनाक्षी जौली, संयुक्‍त सचिव, श्री राकेश बी. दुबे, संयुक्‍त निदेशक, श्री राजेश श्रीवास्‍तव, उप निदेशक, श्री शिवदास सरकार, उप सचिव, श्रीमती एस. वी. आर. रमन्‍ना, उप सचिव शामिल थे। 

वहीं एसोसिएशन के पदाधिकारियों में अध्‍यक्ष श्री सौरभ आर्य के साथ उपाध्‍यक्ष, श्रीमती विशाखा बिष्‍ट, महासचिव, श्री सुनील कुमार चौरसिया, संंयुक्‍त सचिव, श्री अतुल कुमार तिवारी तथा श्री अभिषेक सिंह तथा कार्यकारिणी सदस्‍य श्री मुकेश कुमार सिन्‍हा मौजूद थे।  

 

सचिव महोदया के साथ विभिन्‍न विषयों पर चर्चा के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारी

सचिव महोदया को स्‍मृति चिन्‍ह भेंट करते हुए उपाध्‍यक्ष, श्रीमती विशाखा बिष्‍ट  

संयुक्‍त सचिव महोदया को स्‍मृति चिन्‍ह भेंट करते हुए अध्‍यक्ष, श्री सौरभ आर्य


Monday, 20 April 2015

अनुवादकों के पक्ष में केरल उच्‍च न्‍यायालय का एक और महत्‍वपूर्ण फैसला, दिल्‍ली में मामले की सुनवाई 7 मई को

दोस्‍तो आपको याद होगा कि कनिष्‍ठ अनुवादकों हेतु ग्रेड वेतन मामले को श्रीमती टी.पी.लीना के एरनाकुलम कैट, केरल उच्‍च न्‍यायालय तथा अंत में सर्वोच्‍च न्‍यायालय से केस जीतने के बाद बल मिला था और इसी आधार पर देश की विभिन्‍न कैट अदालतों में विभिन्‍न अनुवादको के पक्ष में कैट ने निर्णय सुनाए थे. और बाद में, इसी क्रम में श्रीमती आनंदवल्‍ली अम्‍मा अौर श्री टी.एम.थॉमस द्वारा कनिष्‍ठ अनुवादक हेतु 4600 रु. ग्रेड वेतन के मामले में केरल कैट की फुल बैंच ने 14.10.2013 को अनुवादकों के पक्ष में अपना निर्णय सुनाया. यहां उल्‍लेखनीय बात यह है कि जहां श्रीमती लीना का केस विशेष रूप से सही एमएसीपी के निर्धारण का था वहीं श्रीमती आनंदवल्‍ली और श्री थाॅमस के केस में विशिष्‍ट रूप से इस प्रश्‍न की जांच की गई कि क्‍या कनिष्‍ठ अनुवादक को 1.1.2006 से 4600 रु. ग्रेड वेतन मिलना चाहिए? 

कैट के मुख्‍य न्‍यायधीश के आदेश पर तीन न्‍यायधीशों की पीठ ने मामले की पुन: विवेचना की और अनुवादकों के पक्ष में फैसला सुनाया. इसके बाद पिछले दो वर्षों में, तमाम राज्‍यों की कैट शाखाओं ने अनुवादकों के पक्ष में निर्णय दिए. मगर इस दौरान सरकार कैट के उपर्युक्‍त फैसले के खिलाफ केरल उच्‍च न्‍यायालय पहुंच गई. आपको जानकर हर्ष होगा कि अब दिनांक 09.04.2015 को केरल उच्‍च न्‍यायालय ने एक बार फिर इस मामले की गहराई से जांच कर एरनाकुलम कैट के निर्णय को सही ठहराया है. अपने 24 पृष्‍ठ के फैसले में माननीय न्‍यायालय ने सरकार की दलीलों पर टिप्‍पणी करते हुए कहा है कि : 
" Though at the first blush, these contentions appear to be attractive, the same are untenable and unsound, in view of the aforestated aspects. On an anxious consideration of the entire aspects of the matter, we are fully in agreement with the considered view taken by full bench of Central Administrative Tribunal, Ernakulam Bench in the impugned order that the issue as to the initial grade pay for the post JHT is thus concluded by the aforementioned previous round of litigations in favour of the respondent herein." 
इसी के साथ माननीय केरल उच्‍च न्‍यायालय ने सरकार को वादी अनुवादकों को एरनाकुलम कैट द्वारा दिए गए निर्णय से मिलने वाले सभी वित्‍तीय लाभों पर 18 % वार्षिक की दंडात्‍मक ब्‍याज दर से इस आदेश्‍ा के प्रकाशित होने की तारीख से तीन माह के भीतर पूरी राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है. 

यह अनुवादकों की 4600 ग्रेड वेतन के लिए किए जा रहे संघर्ष में निस्‍संदेह एक महत्‍वूपर्ण पड़ाव है. इधर दिल्‍ली में भी इसी प्रकार के मामले में कल दिनांक 21 अप्रैल, 2015 को सुनवाई की जानी थी. आज दिनांक 20.04.2015 को कैट द्वारा जारी की गई cause list के अनुसार यह मामला कैट की प्रधान पीठ के समक्ष सुना जाना था. परंतु अब इस मामले पर दिनांक 07.05.2015 को सुनवाई होनी तय की गई है. यह मात्र दुखद संयोग है कि मामले की सुनवाई निरंतर अागे बढ़ रही है. इस स्थिति पर हमने अपने अधिवक्‍ताओं से चर्चा की है ...अब यदि इस मामले में और विलंब हुआ तो मामले में जल्‍द सुनवाई सुनिश्चित करने के सभी विकल्‍प इस्‍तेमाल किए जाएंगे. 


और हां, आज श्रीमती टी.पी. लीना जी का जन्‍मदिन है.....अनुवादक मंच  के सभी सदस्‍यों की अोर से उन्‍हें स्‍वस्‍थ एवं संपन्‍न जीवन की ढ़ेरों शुभकामनाएं .   :) 

Monday, 30 March 2015

ग्रेड वेतन मामले में अगली सुनवाई 21 अप्रैल, 2015 के लिए निर्धारित

प्रिय मित्रो, ब्‍लॉग की अंतिम पोस्‍ट के अनुसार ग्रेड वेतन मामले में दिनांक 26 मार्च, 2015 को सुनवाई होनी थी परंतु कोर्ट ने 25 मार्च को इसे स्‍थगित कर 27 मार्च के लिए निर्धारित कर दिया. 27 मार्च को इस मामले की सुनवाई एक डिवीजन बैंच के समक्ष होनी थी जिसमें विशेष रूप से केवल इसी मामले पर सुनवाई की जानी थी. परंतु 27 मार्च को भी समय रहते इस मामले पर सुनवाई न हो सकी और खंडपीठ ने अब इस मामले में 21 अप्रैल, 2015 को सुनवाई निर्धारित की है. 

Thursday, 19 March 2015

ग्रेड वेतन केस मामले की सुनवाई 26 मार्च, 2015 के लिए निर्धारित

प्रिय मित्रो, 
कनिष्‍ठ अनुवादकों से संबंधित ग्रेड वेतन केस में कथित रूप से न्‍यायधीश महोदय के अवकाश पर रहने के कारण सुनवाई एक बार फिर एक हफ्ते के लिए टल गई है। पिछले दो अवसरों से कोर्ट संख्‍या 4 के सभी मामले इसी प्रकार अगली तारीखों के लिए स्‍थगित हो रहे हैं। इस केस में अब अगली सुनवाई 26 मार्च, 2015 (गुरूवार) के लिए निर्धारित हुई है। 

Friday, 13 March 2015

12 मार्च, 2015 की सुनवाई अब 19 मार्च, 2015 के लिए स्‍थगित

प्रिय मित्रो, 
अनुवादकों के ग्रेड वेतन से संबंधित मामले में दिनांक 12 मार्च, 2015 को सुनवाई आगे बढ़नी थी. परंतु किन्‍हीं अपरिहार्य कारणों से कैट न्‍यायालय में कोर्ट संख्‍या 4 में सुनवाई के लिए निर्धारित मामले स्‍थगित कर दिए गए. इसी क्रम में हम अनुवादकों के केस में अब 19 मार्च, 2015 (गुरूवार) को सुनवाई की जाएगी. 

(सूचना विलंब से दिए जाने के लिए हमें अत्‍यंत खेद है) 

Thursday, 5 March 2015

ग्रेड वेतन मामले में अगली तारीख 12 मार्च, 2015 निर्धारित

प्रिय मित्रो, कनिष्‍ठ अनुवादकों से संबंधित ग्रेड वेतन मामले में आज कैट के कोर्ट संख्‍या 1 में जस्टिस रफ़तआलम और जस्टिस बीरेन्‍द्र सिन्‍हा के समक्ष मामले की सुनवाई आगे बढ़ी. पिछली तारीख पर अदालत ने सरकारी पक्ष को अपनी बात रखने का एक और अवसर प्रदान किया था जिस पर सरकारी वकील को लिखित रूप में अपना पक्ष प्रस्‍तुत करना था. सरकारी वकील ने आज न्‍यायधीशों के समक्ष ही यह दस्‍तावेज अनुवादकों की ओर से प्रस्‍तुत अधिवक्‍ता को सौंपे. मामले पर आगे कार्रवाई को बढ़ाते हुए बैंच ने टिप्‍पणी की कि चूंकि पिछली तारीख 12 फरवरी, 2015 को यह मामला कोर्ट संख्‍या 4 में अन्‍य न्‍यायधीशों के समक्ष सुनवाई के लिए आया था इसलिए इस मामले को आगे भी उसी बैंच द्वारा सुना जाना चाहिए. इस पर अनुवादकों की अोर से प्रस्‍तुत अधिवक्‍ता द्वारा जल्‍दी से जल्‍दी की कोई तारीख दिए जाने के आग्रह को स्‍वीकार करते हुए माननीय न्‍यायधीशों ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगले सप्‍ताह में ही 12 मार्च, 2015 की तारीख निर्धारित की है. यह यकीनन हम सबके धैर्य और परिश्रम की परीक्षा है मगर आशा है कि यह पूरी कार्रवाई जल्‍द से जल्‍द संपन्‍न होगी. 

Thursday, 12 February 2015

ग्रेड वेतन मामले में सुनवाई हुई, अगली तारीख 5 मार्च, 2015 निर्धारित.

प्रिय मित्रो, 
कई महीनों के लंबे इतजार और तमाम अदालती प्रक्रियाओं से गुजरने के उपरांत अंतत: आज अनुवादकों के ग्रेड पे केस में सुनवाई हुई. कोर्ट संख्‍या 4 में सुबह से इंतजार के बाद देर शाम तक हमारे केस का नंबर आया. अनुवादकों की ओर से प्रस्‍तुत अधिवक्‍ता ने इस केस के सभी महत्‍वपूर्ण पहलुओं को माननीय न्‍यायधीशों के समक्ष सिलसिलेवार तरीके से रखा. माननीय न्‍यायधीशों ने विभिन्‍न विषयों और संदेहों पर तमाम प्रश्‍न पूछे जिनके उत्‍तर अनुवादकों के अधिवक्‍ता ने खंडपीठ के समक्ष रखे. अधिकांशत: न्‍यायधीश अनुवादकों के पक्ष से संतुष्‍ट नज़र आए हैं. इसके उपरांत सरकारी पक्ष के वकील को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया. माननीय न्‍यायधीशों ने मामले में बड़े वित्‍तीय प्रभाव को देखते हुए सरकारी वकील के अनुरोध पर उन्‍हें एक मौका अौर देते हुए 5 मार्च, 2015 की तारीख तय की है. आज इस केस में महत्‍वपूर्ण प्रगति हुई है. आशा है कि इस केस में कोई अंतिम परिणाम 5 मार्च को हमें देखने को मिलेगा. साथ ही आशा कि हम सभी अनुवादकों की मेहनत कामयाब होगी. 

Wednesday, 28 January 2015

ग्रेड वेतन केस में बहस के लिए 12 फरवरी, 2015 की तारीख निर्धारित

कनिष्‍ठ अनुवादकों  के ग्रेड वेतन मामले में आज कैट की दिल्‍ली शाखा में सुनवाई की जानी थी. यह मामला फुल बैंच के समक्ष सुनवाई के लिए 21 वें नंबर पर निर्धारित था. दोपहर होते-होते इससे पूर्व के कई मामलों में बहस काफी लंबी चलने के कारण आज कुल 18 मामले ही सुने जा सके और माननीय न्‍यायधीशों ने शेष मामलों को अन्‍य किसी तारीख पर सुने जाने का अादेश दिया. आज अन्‍य मामलों में जब अक्‍तूबर तक की तारीखें दी जाने लगीं तो अनुवादकों की अोर से प्रस्‍तुत अधिवक्‍ता ने दखल करते हुए माननीय न्‍यायधीशों से पांच मिनट का समय मांगा और मामले पर अपने विचार रखे. न्‍यायधीशों ने गंभीरता से विषय को सुना और विषय की गंभीरता को देखते हुए अनुवादकों के अधिवक्‍ता द्वारा की गई अपील पर निकट की तारीख देते हुए 12 फरवरी, 2015 को मामले की सुनवाई तय कर दी है.  आशा है आगामी तारीख पर मामले में बहस हो सकेगी. 

Tuesday, 6 January 2015

ग्रेड वेतन केस में अगली तारीख 28 जनवरी, 2015 (बुधवार)

दोस्‍तो, कनिष्‍ठ अनुवादकों से संबंधित कैट केस में अगली तारीख 28 जनवरी, 2014 (बुधवार) निर्धारित की गई है. आपको स्‍मरण ही होगा कि विगत 27 अक्‍तूबर को सुनवाई के लिए तय इस केस को न्‍यायालय द्वारा लिस्‍ट इन टर्न  घोषित कर दिया गया था. अब इस माह के अंतिम सप्‍ताह में बहस के लिए तारीख निर्धारित की गई है. उधर सभी संबंधित को जानकर हर्ष होगा कि इसी प्रकार के एक अन्‍य मामले में एक अनुवादक श्री आशीष बैंगलोर कैट से केस जीत गए हैं. उनका मामला भी श्रीमती टी.पी.लीना के केस पर अाधा‍रित था अौर कैट ने उनके कार्यालय को 2 माह के अंदर फैसले को क्रियान्वित करने के निदेश दिए हैं. 

Friday, 28 November 2014

4600 ग्रेड वेतन केस के क्रम की प्रतीक्षा जारी है

प्रिय मित्रो, कनिष्‍ठ अनुवादकों से संबंधित ग्रेड वेतन मामले में दीपावली के उपरांत कोर्ट खुलते ही 27 अक्‍तूबर को इस केस की सुनवाई तय हुई थी. उस दिन हम लोग कई घंटों तक कोर्ट रूम में अपने केस की प्रतीक्षा करते रहे. मामला 74 वें नंबर पर सूचीबद्ध था. और दोपहर तक सुनवाई नहीं हो सकी...और लंच के बाद भी नंबर आने की संभावना नाममात्र ही थी. हुआ भी वही....उस दिन 20-25 मामलों को 'लिस्‍ट इन टर्न' घोषित कर दिया गया...अर्थात इन मामलों को कोर्ट की सुविधानुसार क्रमानुसार टेकअप किया जाएगा. इसलिए कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई है. यह एक सामान्‍य अदालती प्रक्रिया है....इधर हमारे एडवोकेट ने सूचित किया है कि इस संबंध में हमें कोर्ट द्वारा नोटिस के माध्‍यम से सूचित किए जाने की संभावना है. जैसे ही इस संबंध में कोई भी सूचना प्राप्‍त होती है या प्रगति होगी....सबसे पहले आप सबके साथ सूचित किया जाएगा. 

Monday, 20 October 2014

दीपावली अवकाश के कारण ग्रेड वेतन केस में सुनवाई टली

सभी अनुवादक साथियों को सूचित किया जाता है कि कनिष्‍ठ अनुवादकों से संबंधित 4600 रू ग्रेड वेतन वाले मामले में आज दिनांक 20 अक्‍तूबर, 2014 को सुनवाई के लिए तारीख तय की गई थी. परंतु दिल्‍ली स्थित सभी न्‍यायालयों में दीपावली के उपलक्ष्‍य में दिनांक 20 अक्‍तूबर, 2014 से 25 अक्‍तूबर, 2014 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है. अवकाश के उपरांत कोर्ट खुलने पर इस मामले में सुनवाई के लिए नई तारीख तय की जाएगी. आशा है कि यह नई तारीख भी जल्‍द से जल्‍द ही रखी जाएगी. 

Wednesday, 3 September 2014

ग्रेड वेतन मामले में अगली तारीख 20 अक्‍तूबर, 2014. सरकारी पक्ष बहस के लिए तैयार नहीं.

आज कैट की प्रिंसीपल बैंच की न्‍यायालय संख्‍या 1 में कनिष्‍ठ अनुवादकों के ग्रेड वेतन मामले पर सुनवाई हुई. अनुवादकों की अोर से प्रस्‍तुत हुए एडवोकेट ने अपना पक्ष माननीय न्‍याधीशों के समक्ष रखा । इस पर जब न्‍यायालय ने प्रतिवादी सरकारी पक्ष के अधिवक्‍ता से अपना पक्ष रखने के लिए कहा तो उन्‍होंने कहा कि वे अभी बहस के लिए तैयार नहीं हैं । उन्‍होंने तैयारी के लिए न्‍यायालय से समय का अनुरोध किया। इस अनुरोध को स्‍वीकार करते हुए न्‍यायालय ने अगली तारीख 20 अक्‍तूबर, 2014 तय की है। 

Monday, 11 August 2014

4600 ग्रेड वेतन मामला कैट की प्रधान पीठ को सौंपा गया, अगली तारीख 3 सितंबर, 2014

प्रिय मित्रो, 
कनिष्‍ठ अनुवादकों के लिए 4600 रू ग्रेड वेतन मामले में आज कैट में सुनवाई के दौरान अनुवादकों की अोर से रिजॉइन्‍डर दायर कर दिया गया है. इसी के साथ इस मामले की प्रारंभिक अौपचारिकताएं पूरी हो गई हैं. अब इस मामले को सुनवाई के लिए मुख्‍य बैंच को ट्रांसफर कर दिया गया है. कैट न्‍यायालय के रोजमर्रा के कामकाज को देखते हुए कहा जा सकता है कि इस केस में तेजी से प्रगति हो रही है. आशा है अगले चरण भी तेजी से पूरे होंगे और कोई अच्‍छा परिणाम सामने आएगा. 

Tuesday, 15 July 2014

4600 ग्रेड वेतन मामले में सरकारी पक्ष को दिया एक सप्‍ताह का समय, अगली तारीख 11 अगस्‍त

कनिष्‍ठ अनुवादकों हेतु 4600 ग्रेड वेतन की मांग को लेकर कैट में विचाराधीन मामले में अभी तक सरकारी पक्ष द्वारा अपना उत्‍तर प्रस्‍तुत नहीं किया गया था. अाज दिनांक 15 जुलाई, 2014 को मामले पर विचार करते हुए अदालत ने सरकारी वकील को अपना पक्ष प्रस्‍तुत करने के लिए एक सप्‍ताह का समय और दिया है तथा इसके बाद अगले 15 दिनों के अंदर अनुवादकों के समूह को अपना रिजॉइंडर फाइल करना होगा. इस मामले में अगली तारीख 11 अगस्‍त (सोमवार) तय की गई है।

Friday, 16 May 2014

4600 केस में अगली तारीख 15 जुलाई, 2014 निर्धारित

प्रिय मित्रो, 
कनिष्‍ठ अनुवादकों हेतु कैट में विचाराधाीन 4600 ग्रेड पे वेतन संबंधी मामले में अगली तारीख 15 जुलाई, 2014 निर्धारित हुई है. सरकारी वकील निरंतर अदालत से समय मांग रहे हैं....अभी तक वित्‍त मंत्रालय अथवा राजभाषा विभाग द्वारा कोई उत्‍तर कोर्ट में प्रस्‍तुत नहीं किया गया है. 

Monday, 7 April 2014

कैट प्रिंसीपल बैंच में आज अवकाश, ग्रेड वेतन संबंधी केस में अगली कार्रवाई 26 अप्रैल, 2014 को

प्रिय मित्रो, जैसा कि आप सभी जानते हैं कि कनिष्‍ठ अनुवादकों हेतु 4600 ग्रेड वेतन की मांग संबंधी सीएसअोएलएस के अनुवादकों के केस में आज 7 अप्रैल की तारीख तय थी. परंतु कैट के अादेशानुसार आज न्‍यायालय में अवकाश रहा और आज के दिन निर्धारित सभी मामले में 26 अप्रैल 2014 (शनिवार) को सुनवाई होगी. इस संबंध में प्रिंसीपल बैंच द्वारा जारी किया गया नोटिस इस प्रकार है : 

Thursday, 13 March 2014

ग्रेड वेतन केस में अगली तारीख 7 अप्रैल, 2014

प्रिय मित्रो,
अनुवादकों हेतु 4600 रू ग्रेड वेतन की मांग संबंधी कैट केस में 10 मार्च, 2014 को दिल्‍ली कैट में विचाराधीन मामले में अगली तारीख 7 अप्रैल, 2014 नियत की गई है. 

 उल्‍लेखनीय है कि पिछली तारीख पर दोनों पार्टियों 1. राजभाषा विभाग 2. वित्‍त मंत्रालय को चार सप्‍ताह के दौरान अपना उत्‍तर प्रस्‍तुत करने के लिए कहा गया था. यह मियाद 21 फरवरी को समाप्‍त हो गई थी. परंतु 10 मार्च तक भी कोई जवाब प्रस्‍तुत नहीं किया गया है. उधर 10 मार्च को कोर्ट में प्रस्‍तुत हुए सरकारी वकील ने आग्रह किया कि उन्‍हें जवाब दायर करने के लिए और अधिक वक्‍़त दिया जाए. क्‍योंकि यह केस पहले से विभिन्‍न अदालतों द्वारा अनुवादकों के पक्ष में दिए गए फैसलों के आधार पर दायर किया गया है लिहाजा  अनुवादकों की ओर से प्रस्‍तुत वकीलों ने कोर्ट से दूसरे पक्ष को कम से कम वक्‍़त देने का आग्रह किया.  कोर्ट ने सरकारी पक्ष को और समय देते हुए 7 अप्रैल, 2014 तक अपना पक्ष प्रस्‍तुत करने के निदेश दिए हैं. 

ब्‍लॉग के संचालन में आई एक तकनीकी खराबी के कारण हम आपको 4600 केस की अपडेट समय से नहीं दे सके. आप सभी को इस सूचना के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ी इसका हमें खेद है. 

Tuesday, 21 January 2014

Case admitted, Notices served to UOI and next date of hearing fixed for 10th March, 2014

Dear friends, 
Today our case pertaining to 4600 GP for Jr. Translators, Saurabh Arya & Others Vs Union of India (UOI), O.A. 166/2014 has been admitted in CAT. Notices has also been accepted by counsel for UOI. Now the govt. is supposed to file its reply within 4 weeks.

Next date for hearing has been fixed for 10th March, 2014. 

Thanks. 

Thursday, 16 January 2014

4600 ग्रेड वेतन हेतु अनुवादकों का केस आज कैट में दर्ज हुआ.

दोस्‍तो, कनिष्‍ठ अनुवादकों के लिए 1.1.2006 से 4600 रू ग्रेड वेतन हेतु केस आज शाम कैट में दर्ज हो चुका है. इस केस पर हमारी पूरी टीम पिछले तीन माह से कार्य कर रही थी. हम मानते हैं कि केस दर्ज करने में आशा से कहीं अधिक समय लगा. हम 1 नवंबर को भी केस फाइल करने की स्थिति में थे परंतु अचानक कई ऐसे घटनाक्रम और तथ्‍य संज्ञान में आए जिन्‍हें केस में शामिल किया जाना अत्‍यंत आवश्‍यक लगा. फिर उन दस्‍तावेजों को हासिल करने की कवायद शुरू हुई. इस दौरान कई और चुनौतियां सामने आईं...जिनका हमने धैर्यपूर्वक सामना करना बेहतर समझा. केस के लेकर कोई भी उतावलापन या जल्‍दबाजी हम सबके साझे हितों के विरूद्ध जा सकती था. इसीलिए इस केस के लिए तीन बार ड्राफ्टिंग हुई. इस दौरान आप सब साथियों का भी धैर्यपूर्वक दिया गया सहयोग हमारा संबल रहा. आपका हमारी टीम के प्रति विश्‍वास ही हमें इस दिशा में मेहनत और संघर्ष करने के लिए निरंतर ऊर्जा देता रहा. सच तो यह है कि हम कुछ लोग आप सबके अटूट सहयोग के बिना कुछ नहीं कर सकते थे.

हम एक बार पुन: रेखांकित करना चाहेंगे कि यह केस पूरे कैडर के लिए लड़ा जा रहा है और संयोजन समिति में वे सदस्‍य भी शामिल हैं जोकि इस केस में पैटीशनर्स नहीं हैं. यहां मैं विशेष रूप से अपने साथी श्री दीपक डागर का नाम लेना चाहूंगा. इस केस के लिए उन्‍होंने हम सभी से ज्‍यादा परिश्रम किया है और वे रूवयं पैटीशनर्स में शामिल नहीं हैं. पांच पैटीशनर्स केवल औपचारिकता मात्र हैं. वास्‍तव में सीएसओएलएस का प्रत्‍येक अनुवादक इस केस का हिस्‍सा है. हम इस मामले को पुरजोर तरीके से न्‍यायालय की चौखट तक ले जा सकते थे अब इसका भविष्‍य न्‍यायालय के हाथों में है. अब हम सब लोग एक साथ मिलकर पूरी आशा और उत्‍साह के साथ इसे अंत तक लडेंगे.

केस कैट में दर्ज किया जा चुका है इसकी पहली तारीख अगले सप्‍ताह की शुरूआत में किसी भी दिन लगने की संभावना है. केस का नाम और इसकी संख्‍या सोमवार तक सभी से साझा की जा सकेगी. हम आपसे वायदा करते हैं कि इस केस में होने वाली हर महत्‍वपूर्ण प्रगति से ब्लॉग के माध्‍यम से निरंतर सभी साथियों को अवगत कराते रहेंगे.


अधीनस्‍थ कार्यालयों के साथियों के लिए : 
 पिछले कुछ महीनों के दौरान अधीनस्‍थ कार्यालयों के तमाम साथियों से संपर्क हुआ है कमोबेश सभी ने सूचित किया कि उनका विभाग उन्‍हें तभी यह लाभ देगा जब सीएसओएलएस को मिलेगा. हम सभी इस तथ्‍य से परिचित हैं कि अब सीएसओलएलएस और अधीनस्‍थ कार्यालयों के अनुवादक पैरिटी पर हैं. लिहाजा एक बार सीएसओएलएस को यह लाभ प्राप्‍त होने पर अधीनस्‍थ कार्यालयों के लिए इसे प्राप्‍त करना मात्र औपचारिकता ही होगी. हमें कदम दर कदम बढ़ना होगा. एक साथ हजारों लोगों के लिए यह लाभ मांगना तुलनात्‍मक रूप से दुष्‍कर होता. यदि हम इस केस को जीतते हैं तो अधीनस्‍थ कार्यालयों तक इस लाभ को पहुंचाने में हमारी टीम हर संभव मदद करेगी. आप निश्चिंत रहें.
(केस की औपचारिकताओं को पूरा करने के उपरांत दिल्‍ली हाईकोर्ट परिसर में बांए से श्री दीपक डागर, श्री ओमप्रकाश कुशवाहा, सुश्री पूनम विमल, श्रीमती विशाखा बिष्‍ट, श्री सौरभ आर्य एवं श्री राकेश श्रीवास्‍तव)