Wednesday, 20 November 2019

कनिष्‍ठ और वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए सहयोग अपेक्षित


साथियो, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों तथा वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की वरीयता सूची को अद्यतन करने, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के वर्ष 2013 और इसके बाद के बैच के कन्‍फर्मेशन, वेकैंसी पोजीशन की पुष्टि किए जाने जैसे मामलों पर कार्रवाई के लिए आज दोपहर बोट क्‍लब पर अनुवाद अधिकारियों की एक बैठक संपन्‍न हुई। बैठक में कुछ साथियों ने सुझाव दिया कि इस प्रकार के कार्यों तथा भविष्‍य में अनुवाद अधिकारियों से जुड़े मामलों पर त्‍वरित कार्रवाई के लिए हमें ठोस डाटा की आवश्‍यकता होगी।

सर्वसम्‍मति से निर्णय लिया गया कि एक फॉर्म के माध्‍यम से सभी कनिष्‍ठ एवं वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों से संबंधित सूचनाएं एकत्र की जाएं। इन सूचनाओं के आधार पर हम वरीयता सूचियों को अपडेट करने तथा कार्यालयों में रिक्‍तयों की सही स्थिति को अपडेट करने में राजभाषा विभाग की सहायता करेंगे। इसके अतिरिक्‍त भी समय-समय पर आप सभी साथियों से जुड़े सटीक विवरण की आवश्‍यकता विभाग को पड़ती है जिसके अभाव में अक्‍सर असुविधाजनक स्थिति का सामना करना पड़ता है। 

अब आपको सिर्फ इतना करना है कि उपलब्‍ध कराए जा रहे फॉर्म में अपने कार्यालय के सभी कनिष्‍ठ एवं वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के विवरण भरकर सुविधानुसार नीचे की सूची में उल्लिखित किसी भी साथी तक पहुंचा सकते हैं अथवा सीधे ई-मेल द्वारा translationofficers@gmail.com पर भेज सकते हैं।

क्र. सं
नाम एवं पदनाम
श्री/सुश्री/श्रीमती
कार्यालय
जिस भवन के लिए अनुवाद अधिकारी संपर्क सूत्र हैं।
                 1 
सौरभ आर्य, वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
इस्‍पात मंत्रालय
उद्योग भवन
           2
सुनील चौरसिया, वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
गृह मंत्री जी का कार्यालय
नॉर्थ ब्‍लॉक
           3
महादेव राजभर, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
गृह मंत्री जी का कार्यालय
नॉर्थ ब्‍लॉक
एवं नीति आयोग
           4
सरताज हुसैन, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
राजस्‍व विभाग
नॉर्थ ब्‍लॉक
(वित्‍त मंत्रालय के लिए)
           5
प्रदीप कुमार, वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
रक्षा मंत्रालय
रक्षा भवन
           6
ओम प्रकाश कुशवाहा, वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
कृषि मंत्रालय
कृषि भवन
           7
विशाखा बिष्‍ट, वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं महानिदेशालय
निर्माण भवन
           8
अतुल कुमार तिवारी, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
राष्‍ट्रपति सचिवालय
पटेल भवन
           9
पूनम विमल, वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
दूरसंचार विभाग
दूरसंचार भवन
       10
श्री प्रेम शंकर, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
प्रशिक्षण महानिदेशालय, पूसा रोड
श्रम शक्ति भवन
                        11
श्री अरुण गुप्‍ता, वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी
कर्मचारी चयन आयोग
सीजीओ कॉम्‍पलेक्‍स
                12
झंटू कुमार मंडल, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
कर्मचारी चयन आयोग
सीजीओ कॉम्‍पलेक्‍स
       13
श्री राम नारायण साव, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
प्रधान मंत्री कार्यालय
साउथ ब्‍लॉक
       14
अनिल कुमार कोइरी, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
अनुसूचित जनजाति आयोग
खान मार्केट
        15
योगेश कुमार, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
मानव संसाधन विभाग
शास्‍त्री भवन
                16
अभिषेक कुमार, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
वित्‍तीय सेवाएं
जीवन तारा
       17
अमित कुमार साव, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
ट्रांसपोर्ट भवन
                18
प्रेम चंद यादव, वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
आरजीआई
आर के पुरम स्थित कार्यालय
                19
ज्‍योत्‍स्‍ना, कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी
अंडर पोस्टिंग


इस सूची में हम सभी भवनों और कार्यालयों को शामिल नहीं कर पाए हैं। इसलिए इस संदेश को पढ़ रहे सभी साथियों से अनुरोध है कि इस कार्य को शीघ्रता से पूरा करने के लिए आप सिर्फ अपने कार्यालय के केवल वरिष्‍ठ एवं कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के विवरण हम तक पहुंचाने का कष्‍ट करें शेष परिश्रम यहां पूरी टीम करेगी। हमें यह कार्य संसद सत्र पूरा होने से पहले समाप्‍त करना है। अतएव इस कार्य में आप सभी का त्‍वरित सहयोग अपेक्षित है।

फॉर्म का नमूना:
Service  Details of Jr./Sr. Translation Officers of Central Secretariat Official Language Service (CSOLS)
Sr. NO.
Name
DOB
JTO/STO
Dept./Ministry
Date of Joining in present office
E-Mail id
Mobile No.

























नोट: वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों में हमें शीघ्र ही पदोन्‍नत होने वाले तदर्थ सहायक निदेशकों को भी शामिल करना है। चूंकि नियमित होने तक वे तकनीकी रूप से वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी ही हैं।

Thursday, 14 November 2019

कनिष्‍ठ से वरिष्‍ठ की पदोन्नति के लिए प्रयास तेज , वरीयता सूची पर भी काम शुरू

हमारी टीम ने 2019 की रिक्तियों के एवज में वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी के पद पर होने वाली पदोन्नति के सम्बन्ध में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात की. जो कनिष्ठ साथी किन्हीं कठिनाइयों के कारण अभी तक विभाग को दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए हैं, उनके संबंध में विभाग को अवगत कराया गया है. एक-दो मामलों में विभाग कनिष्ठ साथियों की सहायता के लिए ज़रूरी कार्रवाई कर रहा है. आशा है विभाग के हस्तक्षेप से अब कनिष्ठ साथियों को अपने दस्तावेज जल्दी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी. हमारा प्रयास है कि ये पदोन्नति आदेश दिसम्बर की शुरुआत में जारी हो जाएं ताकि समय से पदभार ग्रहण कर कनिष्ठ साथी वेतन वृद्धि का समुचित लाभ उठा सकें. आज दिनांक 14.11.2019 की सांय तक कुल 3 कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी ही शेष बचे हैं जिनके दस्‍तावेज शेष हैं। 

इस पदोन्‍नति से जुड़ा एक महत्‍वपूर्ण तथ्‍य ये है कि अब कुल 49 वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के स्‍थान पर कुल 41 वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी बन पाएंगे. इसकी वजह वर्ष 2019 के लिए वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की रिक्तियों की पुन: गणना किया जाना है। पूर्व में विभाग ने यह मानकर कि वर्ष 2019 की रिक्तियों के लिए सहायक निदेशक के पद पर नियुक्ति हो जाएगी, कुल 49 पदों के लिए तैयारी शुरू कर दी थी. लेकिन क्‍योंकि अभी वर्ष 2019 की रिक्तियों के लिए सहायक निदेशक की नियि‍मित नियुक्ति नहीं हो सकी है इसलिए कुल पदों की संख्‍या में संशोधन हुआ है. परंतु कनिष्‍ठ साथियों को निराश होने की आवश्‍यकता नहीं है. इस पदोन्‍नति में छूट जाने वाले कनिष्‍ठ साथी बहुत जल्‍द 2020 की सूची में शामिल किए जाएंगे. 
  
कनिष्ठ अनुवादकों की इस वर्ष की अंतिम पदोन्नति के साथ ही हमारी टीम का अगला लक्ष्य वरीयता सूची का अद्यतनीकरण है और इसके लिए टीम विभाग की सहायता के लिए कार्य प्रारम्भ कर चुकी है. आशा है दिसम्बर समाप्त होने से पहले कनिष्ठ और वरिष्ठ अनुवादकों की नई और अद्यतन वरीयता सूची सार्वजनिक हो सकेगी.


इधर आज शाम वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी से सहायक निदेशक (रा.भा.) के पद पर तदर्थ पदोन्‍नति के लिए डीपीसी संपन्‍न हो गई है. सभी वरिष्‍ठ साथियों को अग्रिम बधाई. 

हम विभाग के सभी अधिकारियों और सभी कर्मचारियों के आभारी हैं कि अनुवाद अधिकारियों से जुड़े विभिन्न मामलों पर इस समय सक्रियता और सदाशयता से कार्य किए जा रहे हैं.

Wednesday, 16 October 2019

अनुवाद अधिकारियों की बैठक संपन्‍न, अब नियमित रूप से होंगी बैठकें

मित्रोकेंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा के कनिष्‍ठ एवं वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की एक बैठक दिनांक 15 अक्‍तूबर, 2019 को बोट क्‍लब पर आयोजित की गई। बरसों बाद आयोजित हुई इस बैठक में संवर्ग के साथियों की उपस्थिति उत्‍साहजनक थी। बैठक के प्रारंभ में निम्‍न सात मुद्दों पर संक्षिप्‍त चर्चा की गई:
1. कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए 4600 ग्रेड वेतन
2.  कनिष्ठ तथा वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी पदों का मर्जर अथवा
3. वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी को राजपत्रित दर्जा दिया जाना
4. कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को शुरुआती स्तर पर अनिवार्य प्रशिक्षण
5. भर्ती नियमों की सेवा शर्तों में सुधार
6. सीधी भर्ती को न रोक पाने की स्थिति में सीधी भर्ती परीक्षा के त्रुटिपूर्ण स्वरूप में सुधार (लिखित परीक्षा के स्थान पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछा जाना और अनुवाद के ज्ञान की परीक्षा न लिया जाना तथा परीक्षा का 95% हिस्सा केवल हिंदी भाषा और विशेष रूप से हिंदी साहित्य पर आधारित होना परीक्षा के नाम पर धोखा है)
7. संवर्ग के अधिकारियों को या तो आईएसटीएम से प्रशिक्षण दिलाया जाए अथवा हिंदी शिक्षण संस्थान द्वारा प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आईएसटीएम की तर्ज पर ही तैयार किया जाए

इन सभी मुद्दों पर उपस्थित साथियों ने मूल्‍यवान सुझाव साझा किए जिन्‍हें नोट कर लिया गया है। इसके बाद कार्रवाई के प्रथम चरण में कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए 4600 रु. ग्रेड वेतन तथा सीधी भर्ती परीक्षा के स्‍वरूप में सुधार के विषय पर विस्‍तार से चर्चा की गई। तय किया गया कि इस बैठक में प्राप्‍त सुझावों तथा उपर्युक्‍त विषयों के संबंध में तैयार किए जाने वाले रिप्रेजेंटेशन के लिए तथ्‍यों का हर दृष्टिकोण से अध्‍ययन किया जाएगा और अगले एक से डेढ़ माह के दौरान रिप्रेजेंटेशन को अंतिम रूप दिया जाएगा जिसे बाद में एसोसिएशन के अध्‍यक्ष के माध्‍यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए सभी वरिष्‍ठ और कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों से खुले मन से आगे आकर इन विषयों पर परिश्रम करने का आह्वान किया गया।

बैठक में श्री ओम प्रकाश कुशवाहाश्री बुधेश कुमार डनसेनाश्री प्रेम चंदश्रीमती नंदिता निधिश्रीमती ज्‍योत्‍सनाश्री प्रेम शंकर जायसवालश्री सत्‍येंद्र दहियाश्री संतोष जायसवालश्री सचिनश्री इरफान खानश्री आलोकएवं श्री अनिल कुमार सहित कई महिला साथियों ने महत्‍वपूर्ण सुझाव रखे। निस्‍संदेह डेढ़ घंटे का समय इतने गंभीर विषयों पर अंतिम राय कायम करने के लिए पर्याप्‍त नहीं था। इसलिए तय किया गया कि सुझाव देने वाले साथी अपने सुझावों के संबंध में और विस्‍तारित जानकारी अन्‍य साथियों को उपलब्‍ध कराएंगे ताकि कार्य समिति तथ्‍यों के आलोक में आगे बढ़ सके।

ये एक बेहद सफल आयोजन रहा। तय किया गया कि भविष्‍य में इस प्रकार की बैठकें नियमित अंतराल पर आयोजित की जाएंगी ताकि महत्‍वपूर्ण विषयों पर लोकतांत्रित और पारदर्शी तरीकेे से निर्णय लिए जा सकें। अगली बैठक नवंबर माह में आयोजित की जाएगी।

दिल्‍ली के विभिन्‍न हिस्‍सों से तकरीबन 60 कनिष्‍ठ/वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों ने इस बैठक में भाग लिया। दर्जनोंं साथी शहर से बाहर होने या कार्यालय में व्‍यस्‍त होने के कारण इस बैठक में भाग नहीं ले सके। भाग लेने वाले सभी साथियों का बहुत शुक्रिया। 








Saturday, 12 October 2019

अनुवाद अधिकारियों की बैठक 15 अक्टूबर, 2019 को 1.30 बजे

मित्रो, पिछले कई वर्षों से से अनुवाद अधिकारियों की कोई बैठक नहीं हुई है. इसके कारण सभी को ज्ञात हैं. लेकिन अनुवाद अधिकारियों के लिए किसी सार्वजनिक मंच और व्यवस्था के अभाव में कुछ महत्वपूर्ण विषय प्रभावित हो रहे हैं, जिनका खामियाजा हम सभी आज भी भुगत रहे हैं और निकट भविष्य में और भी ज्यादा प्रभावित होने की सम्भावना है.
 इस समय : 
1. कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए 4600 ग्रेड वेतन,
2.  कनिष्ठ तथा वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी पदों का मर्जर अथवा
3. वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी को राजपत्रित दर्जा दिया जाना,
4. कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को शुरुआती स्तर पर अनिवार्य प्रशिक्षण, 
5. भर्ती नियमों की सेवा शर्तों में सुधार, 
6. सीधी भर्ती को न रोक पाने की स्थिति में सीधी भर्ती परीक्षा के त्रुटिपूर्ण स्वरूप में सुधार (लिखित परीक्षा के स्थान पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न और अनुवाद के ज्ञान की परीक्षा न लिया जाना तथा परीक्षा का 95% हिस्सा केवल हिंदी भाषा और विशेष रूप से हिंदी साहित्य पर आधारित होना परीक्षा के नाम पर धोखा है)
7. संवर्ग के अधिकारियों को या तो आईएसटीएम से प्रशिक्षण दिलाया जाए अथवा हिंदी शिक्षण संस्थान द्वारा प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आईएसटीएम की तर्ज पर ही तैयार किया जाए
आदि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर बारी-बारी से ठोस कार्रवाई की ज़रूरत थी. लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है. यदि हम लोग अब भी सोते रहे तो समय निकल जाएगा और हम हाथ मलते रह जाएंगे. भले ही हर विषय में परिश्रम करने पर हमें तत्काल सफ़लता न मिले लेकिन हम मंजिल की दिशा में चलना तो शुरू करें. 

हम एक बात स्पष्ट करना चाहते हैं, हम कोई चुनाव नहीं चाहते हैं और न ही हमें किसी पद की आवश्यकता है. हम चाहते हैं कि वर्तमान पदाधिकारी ही इन विषयों पर सक्रियता से कार्य करें. हमारा पूरा समर्थन और सहयोग मिलेगा बशर्ते पदाधिकारी जनादेश का सम्मान करें और जनहित में पारदर्शिता से कार्य करें. व्यवस्था परिवर्तन हमारी मजबूरी और अंतिम विकल्प होगा. 

इसलिए आप सभी कनिष्ठ और वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों से निवेदन है कि आगामी 15 तारीख को अधिक से अधिक संख्या में बोट क्लब पर पहुंच कर उपर्युक्त महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी राय से लिखित/ मौखिक रूप से अवगत कराएं. अब से ये बैठकें कम से कम हर दो माह में एक बार आयोजित की जाएंगी, और यदि आवश्यकता हुई तो हर माह भी. बैठकों की निरन्तरता हम सभी को एक दूसरे से बेहतर तरीके से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी. ये बैठकें जहां नए साथियों से परिचय का अवसर होंगी वहीं, वरिष्ठ साथियों से मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त करने का माध्यम भी बनेंगी. 

क्यों खास है 15 अक्टूबर की बैठक: 
चूंकि ये बैठक बरसों बाद आयोजित होने जा रही है इसलिए इस पहली बैठक में सबसे पहले हम सभी आपस में परिचय करेंगे. इसके बाद हमें क्रम से कुछ विषयों पर फोकस करते हुए आगे बढ़ना है, इसलिए उपर्यक्त सभी विषयों पर संक्षिप्त चर्चा के उपरांत 
1. कनिष्ठ अधिकारियों के लिए 4600 ग्रेड वेतन और 
2. सीधी भर्ती परीक्षा के स्वरूप को चुनौती देना 
दो विषयों पर विस्तार में चर्चा की जाएगी. 

अतएव, आप सभी से आग्रह है कि इन दो विषयों के लिए जितने भी सम्भावित आधार हो सकते हैं उन पर हम लोग खुले मन से चर्चा करेंगे और राजभाषा विभाग/ यूपीएससी को दिए जाने वाले ज्ञापन में महत्वपूर्ण बिंदुओं को सर्वसम्मति से शामिल किया जाएगा. आप सभी के सुझाव सदैव आमन्त्रित हैं. 🙏

दिनांक: 15 अक्टूबर, 2019
समय: 1.30 बजे
स्थान: बोट क्लब पुलिस चौकी के निकट लॉन में (केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के निकट) 

Wednesday, 31 July 2019

पदोन्‍नति के लिए अपेक्षित दस्‍तावेज विभाग को प्राप्‍त, जल्‍दी ही होगी डीपीसी

दोस्‍तो, हर्ष का विषय है कि वर्ष 2018 की वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की रिक्तियों के एवज में पदोन्‍नति के लिए पात्र अनुवाद अधिकारियों के अपेक्षित दस्‍तावेज विभाग को प्राप्‍त हो गए हैं और अब राजभाषा विभाग द्वारा शीघ्र ही विभागीय पदोन्‍नति समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। अगले आठ-दस दिनों के दौरान डीपीसी की बैठक आयोजित होने और उसके आगे कुछ ही दिनों में पदोन्‍नति आदेश जारी हो जाने की संभावना है। हांलाकि कंसीडेरेशन जोन के दो-तीन कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की सतर्कता निकासी रिपोर्ट अभी भी विभाग को प्राप्‍त नहीं हुई हैं। इसलिए जिन साथियों के विभाग से उनकी सतर्कता निकासी रिपोर्ट जारी होने की प्रकिया में है वे भी इसे शीघ्र विभाग तक पहुंचाने में सक्रीयता से अपना योगदान दें। कंसीडेरेशन जोन के सभी साथी वर्ष 2019 की रिक्तियों के लिए होने वाली पदोन्‍नति में निश्चित रूप से शामिल होने जा रहे हैं और 2019 के लिए पदोन्‍नति की प्रक्रिया भी बहुत जल्‍द शुरू होने जा रही है। इसलिए, पदोन्‍नति की कतार में अगले साथी निश्चिंत होकर न बैठें। आप सभी से अनुरोध है कि वर्ष 2018-19 तक पिछले पांच वर्षों की अपनी एपीएआर का प्राथमिकता के आधार पर तैयार होना सुनिश्चित कर लें। इस कार्य को जल्‍दी संभव बनाने में सहयोगी रहे सभी साथियों का हृदय से आभार। 

Friday, 12 July 2019

2017-18 की रिक्तियों के एवज में वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के पदोन्‍नति आदेश जारी, अब 2018 की तैयारी


दोस्‍तो, वर्ष 2017-18 की रिक्तियों के एवज में राजभाषा विभाग द्वारा पदोन्‍नति आदेश जारी कर दिए गए हैं. पदोन्‍नत होने वाले सभी साथियों को हार्दिक बधाई.

ये पदोन्‍नति आदेश संवर्ग के इतिहास में एक मील का पत्‍थर है. ये वो पड़ाव है जहां कई वर्ष पूर्व पात्र हो जाने के बाद लोगों को पदोन्‍नति प्राप्‍त हुई हैं. इसके बाद आने वाले समय में यदि विभाग समय पर पदोन्‍नतियां करेगा तो पांच वर्ष की सेवा शर्त पूरी होते ही कनिष्‍ठ साथी पदोन्‍नत हो सकेंगे. हम जानते हैं कि पूर्व में इस संवर्ग में फैली अव्‍यवस्‍थाओं के कारण हमारे वरिष्‍ठ साथियों को कनिष्‍ठ से वरिष्‍ठ होने में 18 वर्ष का भी समय लगा है. लेकिन इसका अर्थ यह कदापि नहीं होना चाहिए कि भविष्‍य में हर कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी को 18 वर्ष ही लगें. इसीलिए हम लोग वर्ष 2018 की रिक्तियों के एवज में होने वाली पदोन्‍नतियों को जल्‍द से जल्‍द संभव बनाने के लिए राजभाषा विभाग की हर संभव मदद कर रहे हैं. आशा है वर्ष 2018 की रिक्तियों के लिए भी बहुत जल्‍द ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और कुछ और साथी पदोन्‍नत होंगे. पिछले कुछ दिनों में हम लोगों से जुड़ने वाले आप सभी साथियों का भी हृदय से आभार. आवश्‍यकता पड़ने पर आप सभी ने भी यथासंभव सहायता की है. आशा है भविष्‍य में भी इसी प्रकार हम सभी मिलकर संवर्ग की बेहतरी के लिए कार्य करते रहेंगे. 

कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के पदोन्‍नति मामलों त्‍वरित कार्रवाई करने के लिए हम विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारियों और विशेष रूप से संयुक्‍त सचिव, श्री जे पी अग्रवाल एवं उप सचिव, श्री बी. एल. मीना के आभारी हैं.


Tuesday, 2 July 2019

सशक्‍त सूचना तंत्र के लिए सभी कनिष्‍ठ एवं वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों का सहयोग अपेक्षित

(केवल राजभाषा सेवा संवर्ग के साथियों के लिए) 

दोस्तो, पदोन्नतियों आदि के सिलसिले में हमें समय-समय पर अपने सभी साथियों से सम्पर्क करना पड़ता है. अक्‍सर आपका फ़ोन नम्बर और ई-मेल आईडी नहीं होने के कारण इधर-उधर से सम्पर्क साधने में काफी दिक्कत होती है और समय व्यर्थ होता है. कई बार राजभाषा विभाग के आदेशों में दर्शाए गए लोग उन कार्यालयों में न होकर कहीं और होते हैं. इससे समस्या और बढ़ जाती है. हमने इसका एक समाधान खोजा है. आप सभी कृपया इस लिंक से जनरेट हुए छोटे से फॉर्म को भर दें ताकि आपकी पोस्टिंग और आपके सम्पर्क की सही सूचना हम तक पहुंच जाए और आवश्यकता पड़ने पर आपसे सीधा सम्पर्क किया जा सके. इस लिंक को अपने सभी परिचित अनुवाद अधिकारियों से अवश्य साझा करें. आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना गोपनीय रहेगी और केवल आपके हित में ही प्रयोग की जाएगी. ये कार्य हमें बहुत जल्द ख़त्म करना है ताकि अगली पदोन्नतियां उतनी ही तेजी से सम्भव हो सकें. 

कृपया इस फॉर्म को भरते समय निम्‍न बातों का विशेष ध्‍यान रखें: 
1. अपना पूरा नाम लिखने का कष्ट करें, एक ही नाम से कैडर में बहुत से साथी हैं, सर नेम से आपको पहचानने में सुविधा रहेगी और विभाग के दस्तावेजों से सही मिलान हो सकेगा
2. कृपया अपना मोबाइल नम्बर ही दें, कार्यालय का नम्बर तो आपका स्थानांतरण होते ही अप्रासंगिक हो जाएगा. 
3. अपने बैच का स्पष्ट उल्लेख करें, कुछ JTO साथियों ने अपने बैच में दो अलग अलग वर्षों का उल्लेख किया है. ये सम्भव नहीं है. 

4. कृपया अपने विभाग का पूरा नाम लिखें, न कि संक्षेप में. 

जो साथी अभी तक ये फॉर्म नहीं भर पाए हैं कृपया शीघ्र भरने का कष्ट करें और अपने परिचित अन्‍य अनुवाद अधिकारी साथियों को भी इसे भरने के लिए आग्रह करें. जितना सशक्‍त हमारा सूचना तंत्र होगा उतना ही जल्‍दी हम चुनौतियों का समाधान कर सकेंगे.  

फॉर्म का लिंक 

Friday, 28 June 2019

वर्ष 2018 की रिक्तियों के लिए राजभाषा विभाग का कार्यालय ज्ञापन जारी, दस्‍तावेज उपलब्‍ध कराकर करें विभाग की सहायता

दोस्‍तो, इस समय राजभाषा विभाग में वर्ष 2018 की रिक्तियों के लिए कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों को वरि. अनु. अधि. के पद पर पदोन्‍नत करने के प्रयास पूरी गंभीरता से किए जा रहे हैं. इस संबंध में आवश्‍यक दस्‍तावेजों को आमंत्रित किए जाने के विषय में विभाग ने कार्यालय ज्ञापन जारी कर दिया है. 


इधर हमारी टीम पिछले कई दिनों से वर्ष 2018 की रिक्तियों के एवज में पदोन्‍नत होने वाले कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों से निरंतर संपर्क कर रही है. एक आश्‍चर्यजन स्थिति ये है कि पिछले कुछ दिनों में हमारे बार-बार अनुरोध के बावजूद बहुत से साथियों को इस बात का यक़ीन नहीं था कि उनकी पदोन्‍नति इतनी जल्‍दी हो सकेगी. आशा है राजभाषा विभाग के इस आदेश के बाद उन्‍हें यक़ीन हो गया होगा. कृपया अब देर न करें और तत्‍काल अपनी एपीएआर और सतर्कता निकासी रिपोर्ट राजभाषा विभाग तक पहुंचाने का कष्‍ट करें. अब आपकी पदोन्‍नति में ज्‍यादा देर नहीं है. ये दिलचस्‍प है कि वर्ष 2018 में लगभग 55 रि‍क्तियां है लेकिन अभी सभी लोग पदोन्‍नति के लिए पात्र नहीं हैं. जो लोग इस आदेश में छूट जाएंगे उनकी पदोन्‍नति भी वर्ष 2019 की रिक्तियों के एवज में बहुत जल्‍दी होगी. इसलिए बिना किसी संदेह के अपने दस्‍तावेज तैयार करें. आपके अधिकारी आपकी एपीएआर समय पर न लिख रहे हों या आपका विभाग आपकी सतर्कता रिपोर्ट में विलंब करे या कहीं भी किसी भी प्रकार की कोई कठिनाई हो तो translationofficers@gmail.com पर संपर्क करें. हम भी आपका सहयोग करेंगे.

Tuesday, 25 June 2019

वर्ष 2017-18 की कुल 42 रिक्तियों के लिए आज डीपीसी संपन्‍न, आदेश शीघ्र ही


साथियो, वर्ष 2017-18 की कुल 42 रिक्तियों (वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी) लिए आज डीपीसी संपन्‍न हो गई है. शीघ्र ही आदेश जारी किए जाएंगे. एक लगभग असंभव कार्य आज संभव हो गया है. इस डीपीसी का होना अगली कुछ पदोन्‍नतियों के शीघ्रता से होने के लिए अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है. दरअसल 11 जून, 2019 को जब हम कुछ अनुवाद अधिकारियों की टीम शीघ्र पदोन्‍नतियों के सिलसिले में राजभाषा विभाग के अधिकारियों से मिली थी तो हमें सूचित किया गया कि अभी कुल 19 कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के विभिन्‍न दस्‍तावेज प्रतीक्षित हैं और जब तक ये दस्‍तावेज विभाग को प्राप्‍त नहीं होंगे, अगली डीपीसी नहीं हो सकेगी. ये स्थिति अत्‍यंत निराशाजनक थी. 

तभी एक प्रतिनिधिमंडल तैयार कर विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारियों से मुलाक़ात की गई. चूंकि इन 19 लोगों में कई साथी दिल्‍ली से बाहर के कार्यालयों में तैनात थे इसलिए स्‍पष्‍ट था कि इन 19 लोगों के दस्‍तावेज विभाग को प्राप्‍त करने में काफी समय लगेगा और उधर अगले कुछ ही दिनों में विभाग के पास पहले से पहुंचे हुए दस्‍तावेजों की वैधता अवधि समाप्‍त हो जाएगी. एक बार फिर अगर 77 लोगों से सतर्कता निकासी रिपोर्ट मंगाने का सिलसिला शुरू होता तो इस डीपीसी का दिसंबर, 19 तक भी होना संभव नहीं था. नतीज़तन अगली पदोन्‍नतियों में भी विलंब होता. इन 19 में से कुछ मामले ऐसे भी थे कि जहां पूर्व में अपेक्षित दस्‍तावेज विभाग में रिसीव करवाए गए थे लेकिन अब वहां कोई रिकॉर्ड नहीं था. ऐसे मामलों को तत्‍काल संयुक्‍त सचिव महोदय के संज्ञान में लाया गया और डुप्‍लीकेट कॉपी तत्‍काल विभाग को उपलब्‍ध कराई गईं.

सभी अपेक्षित दस्‍तावेज मिलते ही डीपीसी करने के विभाग के अधिकारियों के आश्‍वासन के उपरांत हमारी टीम ने तीन दिनों के अंदर सभी अपेक्षित दस्‍तावेज राजभाषा विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारियों को सौंप दिए थे. हम शुक्रगुज़ार हैं अपने हर उस साथी के प्रति जिसने अत्‍यंत कम समय में इस कार्य को संभव बनाने में हमारी मदद की. इस घटनाक्रम ने एक बार पुन: सिद्ध किया है कि यदि हम संगठित हैं तो कोई भी काम मुश्किल नहीं. अब हमें पूरा यकीन है कि हम सभी मिलकर न केवल वर्ष 2018 की रिक्तियों के लिए भी इसी तरह कम से कम वक्‍़त में डीपीसी को संभव बना सकेंगे बल्कि कई अन्‍य पिछड़ रहे कार्यों को भी जल्‍द से जल्‍द संपन्‍न करा सकेंगे.

इस त्‍वरित कार्रवाई के लिए हम विशेष रूप से विभाग के संयुक्‍त सचिव, श्री जे पी अग्रवाल और उप सचिव, श्री बी. एल. मीना के प्रति आभारी हैं.

Monday, 24 June 2019

वर्ष 2017-18 की रिक्तियों के लिए डीपीसी 25 जून को, वर्ष 2018 की रिक्तियों के लिए भी कार्रवाई शीघ्र

सभी अनुवाद अधिकारी साथियों को नमस्‍कार.


दोस्‍तो, हमने इस ब्‍लॉग को वर्ष 2012 में शुरू किया था. कई वर्ष खूब मेहनत की लेकिन बीच में किन्‍हीं अपरिहार्य कारणों से हमने यहां लिखना और कोई कार्य करना इस उम्‍मीद से बंद कर दिया था कि शायद आने वाले समय में संवर्ग के हालात बेहतर होंगे. लेकिन कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों और वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की पदोन्‍नति में लगातार हो रहे अनावश्‍यक विलंब के कारण वर्षों से बाद संवर्ग के हित में कुछ कदम उठाने आवश्‍यक हो गए थे. हमारी टीम पिछले 15 दिनों से विभिन्‍न विषयों पर लगातार काम कर रही है. ये मंच आप सभी के साथ सहयोग, समन्‍वय और सूचनाओं की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने का माध्‍यम मात्र है. आप सभी से अनुरोध है कि स्‍वयं इस मंच से जुड़ें और अपने साथियों के संज्ञान में इस मंच को लाएं ताकि हम सभी मिलकर कुछ बेहतर कर सकें. आइये एक बार फिर सभी मिलकर अपने इस संवर्ग को बेहतर बनाने की दिशा में कुछ ठोस काम करें!

वर्ष 2017-18 की रिक्तियों के लिए कनि. अनुवाद अधिकारियों की पदोन्‍नति
हम अनुवाद अधिकारियों की टीम ने आज विभाग में अनुवाद अधिकारियों से जुड़े विभिन्‍न विषयों पर पुन: वरिष्‍ठ अधिकारियों से मुलाकात की. हर्ष का विषय है कि पिछले कुछ दिनों की मेहनत और आप सभी साथियों के सहयोग के परिणामस्‍वरूप वर्ष 2017-18 की रिक्तियों के लिए कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी से वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी के पद पर पदोन्‍नति के लिए विभागीय पदोन्‍नति समिति की बैठक दिनांक 25.06.2018 को होने जा रही है. वर्ष 2017-18 की रिक्तियों के लिए लगभग 42 पदों के लिए पदोन्‍नति की जानी है। इस पदोन्‍नति सूची में वर्ष 2006 के कुछ तदर्थ वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी तथा वर्ष 2009 बैच के कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी शामिल हैं. चूंकि इस सूची में वर्ष 2009 के सभी कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी शामिल नहीं हो पाएंगे इसलिए उन्‍हें वर्ष 2018 की रिक्तियों के लिए नियमित किया जाएगा.

दिसंबर, 2018 तक की रिक्तियों के लिए कनि. अनुवाद अधिकारियों की पदोन्‍नति
हमारे अनुरोध पर विभाग ने आश्‍वासन दिया है कि वर्ष 2017-18 की रिक्तियों के लिए पदोन्‍नति की कार्रवाई होते ही दिसंबर, 2018 तक की रिक्तियों के लिए कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी से वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी के पद पर नियमित पदोन्‍नति के लिए कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी और विभाग संबंधित कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों से सतर्कता निकासी तथा एपीएआर आमंत्रित करेगा. अतएव वर्ष 2009, 2010 तथा 2011 के कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों से अनुरोध है कि वे अपनी वर्ष 2018-19 तक की एपीएआर तत्‍काल राजभाषा विभाग में भिजवाना सुनिश्चित करें ताकि पदोन्‍नति के लिए कार्रवाई किए जाते समय एपीएआर के कारण अनावश्‍यक विलंब न हो.