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Monday, 8 May 2023

सचिव महोदया के साथ एसोसिएशन की बैठक और मामलों की अद्यतन स्थिति


केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा अनुवाद अधिकारी एसोसिएशन की दिनांक 13.04.2023 को राजभाषा विभाग की सचिव महोदया, श्रीमती अंशुली आर्या जी के साथ एक बैठक संपन्‍न हुई। इस बैठक में अनुवाद अधिकारियों से जुड़े विभिन्‍न ज्‍वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई।


कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए 4600 रु. ग्रेड वेतन: इस विषय में सचिव महोदया को स्‍मरण कराया गया कि दिसंबर, 2022 में एसोसिएशन की पहली बैठक में एसोसिएशन ने अदालती मामलों के आधार पर चल रही फाइल को गति प्रदान करने और नए सिरे से एक नया प्रस्‍ताव व्‍यय विभाग को भेजे जाने का अनुरोध किया था। जिसके उपरांत लीगल मामलों की फाइल आईएफडी के प्रश्‍नों के आलोक में डीओपीटी को भेजी गई थी और कुछ प्रश्‍नों का उत्‍तर राजभाषा विभाग द्वारा दिया जाना था। सचिव महोदया ने कैट की विभिन्‍न शाखाओं द्वारा अनुवाद अधिकारियों के पक्ष में दिए जा रहे विभिन्‍न फैसलों से जुड़े मामलों को गहराई से समझने का प्रयास किया।

इस विषय पर विस्‍तार से चर्चा के उपरांत सचिव महोदया ने इस फाइल को अविलंब आईएफडी के माध्‍यम से व्‍यय विभाग को अग्रेषित करने के निदेश दिए। (अद्यतन स्थिति के अनुसार यह फाइल पुन: आईएफडी को भेज दी गई है और वहां से, यदि कोई नई आपत्ति/प्रश्‍न नहीं होता है तो व्‍यय विभाग को प्रेषित की जाएगी)

एसोसिएशन ने पुन: स्‍मरण कराया कि इस लीगल मामले के अतिरिक्‍त कनिष्‍ठ एवं वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के ग्रेड वेतन उन्‍नयन के लिए नए सिरे से प्रस्‍ताव व्‍यय विभाग को भेजने पर विगत बैठक में सह‍मति बनी थी जिस पर एसोसिएशन ने आवश्‍यक दस्‍तावेज भी दिसंबर,22 में विभाग को उपलब्‍ध करा दिए थे और एक नई फाइल भी विभाग द्वारा चलाई गई थी। परंतु इस मामले में कोई विशेष प्रगति अभी तक नहीं हुई है। उल्‍लेखनीय है कि वेतन उन्‍नयन का मामला संवर्ग समीक्षा के माध्‍यम से भी उठाया गया था जिस पर संवर्ग समीक्षा समिति ने इस मामले में Financial Implication होने के कारण इस मामले को व्‍यय विभाग के साथ उठाने के निदेश दिए हैं। एसोसिएशन ने आग्रह किया कि लीगल मामले की प्रगति को इस मामले से अलग रखते हुए विभाग इस मामले को व्‍यय विभाग को अग्रेषित करे।

सचिव महोदया ने इस प्रस्ताव में कुछ और तथ्‍यों को शामिल करते हुए इसे भी व्‍यय विभाग के साथ उठाने के निदेश दिए।

APAR के लिए स्‍पैरो जैसी ऑनलाइन प्रणाली: एसोसिएशन की ओर से अध्‍यक्ष, श्री सौरभ आर्य ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को स्‍मरण कराया कि एसोसिएशन की पहली बैठक में यह मुद्दा उठाया गया था। सचिव महोदया ने एसोसिएशन को अवगत कराया कि वे इसके लिए अनुमोदन दे चुकी हैं और यह मामला प्रगति में है। एसोसिएशन ने पुन: सचिव महोदया से आग्रह किया कि यह एक तकनीकी मामला है और राजभाषा विभाग शीघ्र ही तकनीकी सम्‍मेलन आयोजित करने जा रहा है। यदि इस प्रणाली को इस सम्‍मेलन में लॉन्‍च किया जा सके तो तकनीकी सम्‍मेलन का आयोजन और अधिक सार्थक सिद्ध होगा।

सचिव महोदया ने कहा कि इसे संभव बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा।

डीआर की बैकलॉग वेकेंसियों को पदोन्‍नति के माध्‍यम से भरा जाना: एसोसिएशन ने सचिव महोदया को अवगत कराया कि डीआर की बैकलॉग वेकेंसियों का मामला संवर्ग के सामने एक गंभीर समस्‍या है और इसका स्‍थायी समाधान होना चाहिए। उल्‍लेखनीय है कि एसोसिएशन इस विषय में विभाग के सभी अधिकारियों के साथ पहले से चर्चा करती रही है और इसका श्रेष्‍ठ समाधान खोजने का आग्रह करती रही है। एसोसिएशन ने विभाग से आग्रह किया है कि डीआर के बैकलॉग पदों को पदोन्‍नति कोटे से भरे जाने के लिए प्रयास किया जाए ताकि बरसों से पदोन्‍नति की प्रतीक्षा कर रहे वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी पदोन्‍नत हो सकें। हमारे भर्ती नियमों में 25% सीधी भर्ती का प्रावधान मौजूद होने के चलते इन सीर्धी भर्ती के समस्‍त पदों को पदोन्‍नती कोटे में परिवर्तित किया जाना कठिन कार्य है। उधर यह भी सत्‍य है कि विभाग वर्ष 2015 के बाद से आज तक 1 भी पद सीधी भर्ती से नहीं भर पाया है और यह समस्‍या बढ़ती जा रही है। इसलिए एक ऐसा रास्ता निकालना आवश्यक है जिससे डीओपीटी सहमत हो सके।

उल्‍लेखनीय है कि वर्ष 2021 में नए भर्ती नियम अधिसूचित किए गए थे। इसलिए अब विभाग 2021 को आधार वर्ष मानकर 2021 से 2023 तक की सीधी भर्ती के लगभग 11 पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने के लिए यूपीएससी को भेजने पर विचार कर रहा है और शेष पदों को पदोन्‍नति से भरने के लिए डीओपीटी से छूट मांगी जाएगी। यदि यह संभव होता है तो सहायक निदेशक के लगभग 54 पद पदोन्‍नति से भर्ती के लिए संवर्ग को मिल सकेंगे। यहां यह भी उल्‍लेखनीय है कि एसोसिएशन तात्‍कालिक रूप से वर्ष 2023 तक इस समस्‍या के निपटान के साथ-साथ भविष्‍य के लिए भर्ती नियमों में सीधी भर्ती के 25% के अनुपात को और कम करने सहित कुछ अन्‍य संशोधनों के लिए भी प्रयासरत है ताकि भविष्‍य में संवर्ग के कनिष्‍ठ साथियों पर इन भर्ती नियमों का न्‍यूनतम प्रभाव पड़े।

सचिव महोदया ने कहा, कि उन्‍होंने संवर्ग के हित में एक फैसला लिया है और वे आशा करती हैं कि संवर्ग के लोग इस समस्‍या के समाधान में विभाग का साथ देंगे।

सीधी भर्ती की परीक्षा के स्‍वरूप में बदलाव: एसोसिएशन ने सचिव महोदया को अवगत कराया कि अंतिम बार सीधी भर्ती परीक्षा वर्ष 2015 में आयोजित की गई थी इस परीक्षा का पैटर्न न्‍यायसंगत नहीं था। उपस्थित अधिकारियों को अवगत कराया गया कि मात्र 150 हिंदी साहित्‍य के मल्‍टीपल चॉइस प्रश्‍नों के आधार पर किसी सहायक निदेशक (रा.भा.) का चयन तर्कसंगत नहीं है। इस परीक्षा पद्धति से भर्ती होने वाले सहायक निदेशक अनुवाद कार्य की विधीक्षा में सक्षम सिद्ध नहीं होंगे। इससे कहीं अधिक कठिन परीक्षा कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी की होती है। एसोसिएशन ने इस परीक्षा के स्‍वरूप को और अधिक तर्कसंगत और कठिन बनाने के लिए कुछ सुझाव सचिव महोदया के समक्ष रखे। एसोसिएशन शीघ्र ही इस विषय में विस्‍तृत रूप-रेखा के साथ एक अभ्‍यावेदन भी विभाग को सौंपेगी।

सचिव महोदया ने एसोसिएशन के सुझावों पर अपनी सहमति व्‍यक्‍त की और इसमें अपेक्षित संशोधन किए जाने के लिए आवश्‍यक कार्रवाई का आश्‍वासन दिया।

नए भर्ती कनिष्‍ठ अनुवादकों के लिए इंडक्‍शन ट्रेनिंग: एसोसिएशन के पदाधिकारयों ने सचिव महोदया को अवगत कराया कि भर्ती होने के उपरांत वर्षों तक कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की किसी भी प्रकार की ट्र‍ेनिंग नहीं हो पाती है। जिससे कार्य की गुणवत्‍ता पर असर पड़ता है और अनुवाद अधिकारियों का संवर्ग के साथ उचित तालमेल नहीं बैठ पाता है। सचिव महोदया ने अवगत कराया कि विभाग जल्‍दी ही 2022 बैच के कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की तैनाती करने जा रहा है और उनका प्रयास है कि अधिकांश लोग 26 मई को आयोजित होन वाले तकनीकी सम्‍मेलन में भाग ले सकें ताकि वे अपने संवर्ग के लोगों के साथ मिल-जुल सकें।

नए भर्ती होने वाले कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए संक्षिप्‍त इंडक्‍शन ट्रेनिंग दिए जाने के एसोसिएशन के प्रस्‍ताव पर सचिव महोदया ने स‍हमति प्रदान की

पदोन्‍नति के लिए प्रशिक्षण हेतु अधिकांश वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों को प्रशिक्षण: अध्‍यक्ष, श्री सौरभ आर्य ने उपस्थित अधिकारियों को अवगत कराया कि नवंबर माह में लगभग 41 सहायक निदेशकों के उप निदेशक (रा. भा.) के पद पर पदोन्‍नति के लिए योग्‍य होने तथा निकट भविष्‍य में डीआर की बैकलॉग वेकेंसियों के संभावित समाधान के आलोक में सृजित होने वाले सहायक निदेशकों के पदों के लिए हमें पर्याप्‍त संख्‍या में ट्रेनिंग पूरी कर चुके वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों की आवश्‍यकता होगी। इसके लिए लगभग 50 वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के जिस एक बैच को अभी प्रशिक्षण दिया जा रहा है वह पर्याप्‍त नहीं होगा। प्रशिक्षण के अभाव में पदोन्‍नति संभव नहीं हैं इसलिए इस मामले को गंभीरता से लिए जाने की आवश्‍यकता है।

सचिव महोदया ने निर्देश दिए कि वर्ष 2023 में वर्ष भर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर यथासंभव वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

पदोन्‍नति पर अधिकारियों को उनके स्‍थान पर रिटेन किया जाना: सचिव महोदया को अवगत कराया गया कि विभाग द्वारा पदोन्‍नति पर अक्‍सर अधिकारियों को उनके पूर्व कार्यालय में ही रिटेन किए जाने से संवर्ग के लोगों में रोष है। एसोसिएशन ने कहा कि विभाग द्वारा पदोन्‍नति नीति को अक्षरश: लागू किया जाना चाहिए और पदोन्‍नति पर अधिकारियों को अनिवार्य रूप से स्‍थानांतरण किया जाए। कई ऐसे उदाहरण हैं अधिकारी पिछले लंबे अरसे से तैनात हैं और पदोन्‍नतियों के बावजूद उनका स्‍थानांतरण नहीं किया गया। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि पदोन्‍नति नीति के अनुसार 5 वर्ष की सेवा के उपरांत अधिकारियों का अनिवार्य रूप से स्‍थानांतरण किया जाए।

सचिव महोदया ने कहा कि अत्‍यंत विशेष परिस्थितियों में ही अधिकारियों को रिटेन किया जाता है। भविष्‍य में इस दिशा में और अधिक सतर्कता बरती जाएगी।

वर्ष 2023 की रिक्तियों के लिए सहायक निदेशक के पद पर पदोन्‍नति: इस मामले से संबंधित फाइल गृह मंत्रालय के आईएफडी प्रभाग को भेजी गई है। वहां से लौटने के उपरांत इसे यूपीएससी भेजा जाएगा। इस दौरान एसोसिएशन ने वर्ष 2023 की रिक्तियों की सही गणना करने और अद्यतन वरिष्‍ठता सूची जारी करने का अनुरोध विभाग से किया है। 

सचिव महोदया की अध्‍यक्षता में संपन्‍न हुई इस बैठक में एसोसिएशन की ओर से अध्‍यक्ष श्री सौरभ आर्य, उपाध्‍यक्ष, श्रीमती विशाखा बिष्‍ट एवं महासचिव, श्री सुनील चौरसिया ने भाग लिया। इस बैठक में राजभाषा विभाग से संयुक्‍त सचिव, श्रीमती मीनाक्षी जौली, परामर्शदाता श्री राकेश दुबे, उप सचिव, श्री अनिल कुमार तथा सहायक निदेशक (रा.भा.), श्री राजेश कुमार भी मौजूद थे। अनुवाद अधिकारियों से जुड़े मामलों को गंभीरतापूर्वक सुनने और उन पर अपेक्षित कार्रवाई करने का वायदा करने के लिए एसोसिएशन सचिव महोदया, संयुक्‍त सचिव महोदया और विभाग के सभी अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट करती है। आशा है जल्‍दी ही उपर्युक्‍त सभी मामलों में प्रगति होगी और एक-एक कर सभी कार्य संपन्‍न होंगे।

Wednesday, 30 November 2022

राजभाषा विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ एसोसिएशन की पहली बैठक सफलतापूर्वक संपन्‍न


मित्रो, नवगठित एसोसिएशन के पदाधिकारियों की आज राजभाषा विभाग की सचिव महोदया, श्रीमती अंशुली आर्या जी तथा संयुक्‍त सचिव, श्रीमती मीनाक्षी जौली जी के साथ शिष्‍टाचार भेंट सफलतापूर्वक संपन्‍न हुई। बैठक की शुरुआत में अध्‍यक्ष, श्री सौरभ आर्य ने सभी पदाधिकारियों का परिचय कराया। 

राजभाषा विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ एसोसिएशन के पदाधिकारी


बैठक की शुरुआत में अध्यक्ष, श्री सौरभ आर्य ने सचिव महोदया के कार्यकाल में अनुवाद अधिकारियों की पदोन्नति के मामलों में आई नियमितता के लिए अनुवाद अधिकारियों की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया। सचिव महोदया ने इसका श्रेय राजभाषा विभाग के सेवा प्रभाग और निदेशक श्री बी. एल. मीना जी को दिया। तदुपरांत, श्री सौरभ आर्य ने सचिव महोदया के समक्ष संवर्ग की विभिन्‍न समस्‍याओं को सिलसिलेवार तरीके से प्रस्‍तुत किया जो निम्‍नानुसार हैं:

1. कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए 4600 ग्रेड वेतन के मामले से जुड़े विभिन्‍न पक्षों को विस्‍तार से प्रस्‍तुत किया गया। सचिव महोदया को अवगत कराया गया कि किस प्रकार न्‍यूनतम वेतनमान कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारियों के मनोबल को तोड़ता है और क्‍यों नए भर्ती होने वाले अनुवाद अधिकारी शीघ्र ही अन्‍य सेवाओं में जाने के लिए प्रयासरत रहते हैं। इसी प्रकार वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी बरसों तक अराजपत्रित श्रेणी के कर्मचारी बनकर रह जाते हैं। अन्‍य संवर्गों में अनुवादकों को मिल रहे वेतनमान पर भी चर्चा हुई।

सचिव महोदया ने इस मामले में पूरी दिलचस्‍पी लेते हुए इस दिशा में तत्‍काल ही ठोस कार्रवाई का आश्‍वासन दिया और अधिकारियों को इस मामले में कार्रवाई शुरू करने के निदेश जारी किए।

 

2. प्रशिक्षण ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन मोड में दिये जाने के मामले में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सचिव महोदया को अवगत कराया कि इस समय विभिन्‍न स्‍तरों पर जो ऑनलाइन प्रशिक्षण अनुवाद अधिकारियों को दिए जा रहे हैं उनकी तुलना में ऑफलाइन प्रशिक्षण अनुवाद अधिकारियों के लिए ज्‍यादा लाभप्रद सिद्ध होंगे। एसोसिएशन ने सचिव महोदया से इस संबंध में दो अनुरोध किए।

   1. वर्ष 2023 से सभी अनुवाद अधिकारियों को ऑफलाइन मोड में प्रशिक्षण प्रदान किया जाए  और इसका स्‍तर सुधारा जाए।

       2. नए भर्ती होने वाले अनुवादकों को उनकी सेवा की शुरूआत में ही प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

सचिव महोदया ने आश्‍वासन दिया कि अगले वर्ष से सभी प्रशिक्षण ऑफलाइन मोड में ही दिए जाएंगे और नए बैच को भर्ती के तत्‍काल बाद प्रशिक्षण के लिए व्‍यवस्‍था बनाने के लिए वरिष्‍ठ अधिकारियों को निदेश दिए।

 

3. अनुवाद अधिकारियों की एपीएआर के लिए ऑनलाइन प्रणाली के विषय में सचिव महोदया का ध्‍यान आकर्षित किया गया। उन्‍हें अवगत कराया गया कि पदोन्‍नति के लिए डीपीसी के समय हर बार एपीएआर समय पर उपलब्‍ध न हो पाना किस प्रकार बाधा बन रहा है। अनुवादकों द्वारा समय से भेजे जाने के बावजूद एपीएआर विभाग तक नहीं पहुंच पाती हैं अथवा गुम हो जाती हैं।

सचिव महोदया ने इस तथ्‍य का संज्ञान लिया और अधिकारियों को इस दिशा में कार्रवाई प्रारंभ करने के निदेश दिए।

4. सीधी भर्ती कोटे की यूपीएससी से लौटी रिक्तियों को पदोन्‍नति से भरने के विषय में भी सचिव महोदया से चर्चा की गई। इस पर बैठक में मौजूद अधिकारियों ने एक कोर्ट केस के लंबित होने का हवाला दिया। इस पर अध्‍यक्ष, श्री सौरभ आर्य ने कहा कि यदि विभाग इन रिक्तियों से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले लोगों के हितों को सुरक्षित रखने का आश्‍वासन दे तो यह मामला स्‍वत: समाप्‍त हो सकता है। अधिकारियों ने इस मामले में भी गतिरोध को दूर करने का आश्‍वासन दिया है।

 

बैठक में कुछ अन्‍य मामलों पर भी संक्षिप्‍त में चर्चा हुई। सचिव महोदया ने भी एसोसिएशन के युवा पदाधिकारियों की सार्थक प्रस्‍तुति के लिए प्रशंसा की और समस्‍याओं के निपटान में एसोसिएशन के पदाधिकारियों का भी सहयोग मांगा जिस पर एसोसिएशन ने अपनी ओर से विभाग को हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्‍वासन दिया है। सचिव महोदया ने एसोसिएशन को आश्‍वासन दिया कि अनुवाद अधिकारियों की समस्‍याओं को दूर करने के लिए विभाग तत्‍परता से कार्य करेगा और उन्‍होंने एसोसिएशन को भविष्‍य में भी समय-समय पर इस प्रकार की बैठकों के लिए आमंत्रण दिया। सचिव महोदया की सहृदयता के लिए एसोसिएशन ने आदरणीय सचिव महोदया का आभार व्‍यक्‍त किया।


इस अवसर पर राजभाषा विभाग के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे जिनमें आदरणीय श्रीमती मीनाक्षी जौली, संयुक्‍त सचिव, श्री राकेश बी. दुबे, संयुक्‍त निदेशक, श्री राजेश श्रीवास्‍तव, उप निदेशक, श्री शिवदास सरकार, उप सचिव, श्रीमती एस. वी. आर. रमन्‍ना, उप सचिव शामिल थे। 

वहीं एसोसिएशन के पदाधिकारियों में अध्‍यक्ष श्री सौरभ आर्य के साथ उपाध्‍यक्ष, श्रीमती विशाखा बिष्‍ट, महासचिव, श्री सुनील कुमार चौरसिया, संंयुक्‍त सचिव, श्री अतुल कुमार तिवारी तथा श्री अभिषेक सिंह तथा कार्यकारिणी सदस्‍य श्री मुकेश कुमार सिन्‍हा मौजूद थे।  

 

सचिव महोदया के साथ विभिन्‍न विषयों पर चर्चा के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारी

सचिव महोदया को स्‍मृति चिन्‍ह भेंट करते हुए उपाध्‍यक्ष, श्रीमती विशाखा बिष्‍ट  

संयुक्‍त सचिव महोदया को स्‍मृति चिन्‍ह भेंट करते हुए अध्‍यक्ष, श्री सौरभ आर्य