प्रिय साथियो,
आज का सूर्योदय राजभाषा सेवा संवर्ग में सबसे स्वर्णिम आभा के साथ
उदीयमान हुआ है। वर्षों की प्रतीक्षा के बाद संवर्ग की अभिलाषाएं और स्वप्न
साकार हुए हैं। दशकों बाद सहायक निदेशक श्रेणी के भर्ती नियमों में संशोधन के बाद
05 जून, 2026 की देर शाम नए भर्ती नियम अधिसूचित कर दिए गए हैं। वर्षों की अंधियारी रात समाप्त हुई। अब संवर्ग की
सहायक निदेशक श्रेणी में ‘100 प्रतिशत पदोन्नति द्वारा, जिसके न हो सकने पर प्रतिनियुक्ति द्वारा और दोनों के न हो सकने पर
सीधी भर्ती द्वारा’ का प्रावधान कर दिया गया है। परोक्ष रूप से इसका
अर्थ है कि अब सहायक निदेशक के पद शत-प्रतिशत पदोन्नति द्वारा भरे जाएंगे। यह
सफलता एक लंबे संघर्ष के बाद प्राप्त हुई है। यह अभूतपूर्व है और संवर्ग के
इतिहास का सबसे स्वर्णिम क्षण है। इस एक फैसले के बहु-आयामी और दूरगामी परिणाम
होंगे जिससे न केवल केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा संवर्ग को मजबूती मिलेगी बल्कि
देश भर के उन राजभाषा सेवा संवर्गों को भी अपने भर्ती नियम बदलने में सहायता और
आधार मिलेगा जो सीएसओएलएस संवर्ग के मॉडल को अपना आधार बनाते आए हैं।
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| पूरी अधिसूचना लेख के अंत में देखें |

बहुत से साथियों ने इस ऐतिहासिक कार्य में एसोसिएशन की भूमिका
के बारे में जानना चाहा है। दरअसल, इस कार्य को संवर्ग के विगत कई दशकों के इतिहास में हमेशा असम्भव माना जाता
रहा। यह धारणा पूरे संवर्ग में
गहरी बैठ चुकी थी कि शत-प्रतिशत पदोन्नति मॉडल संभव नहीं और अगर ये हुआ तो सहायक निदेशक
का पद समूह ‘क’ राजपत्रित नहीं रह जाएगा। वर्षों तक संवर्ग निराशा में डूबा रहा। हमारी टीम
ने जब से एसोसिएशन का पदभार संभाला हम इस धारणा से सहमत नहीं हो सके क्योंकि यह धारणा
तथ्यों पर आधारित नहीं थी। इसलिए लगातार इस विषय से जुड़े नियमों, देश भर के विभिन्न संवर्गों के भर्ती नियमों का अध्ययन किया। फिर सेवा नियमों
के जानकार डीओपीटी तथा यूपीएससी के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों से बार-बार परामर्श किया गया। तकरीबन 3 माह की ठोस रिसर्च
के बाद एसोसिएशन ने 21 मार्च, 2024 को राजभाषा विभाग की
आदरणीय सचिव महोदया को अपनी रिपोर्ट के साथ अभ्यावेदन सौंपा। हमने देश भर के कुल 40 संवर्गों के भर्ती नियमों संबंधी दस्तावेज विभाग को सबूत के तौर पर प्रस्तुत किए। हमने
अपनी विस्तृत रिपोर्ट में बिंंदुवार यह भी साबित किया कि क्यों DR इस संवर्ग के लिए उचित
नहीं है। एक
रोडमैप सौंपा विभाग को जो आगे चलकर इस संशोधन का प्राथमिक आधार बना। इसके बाद अगले एक वर्ष के दौरान 08 अगस्त, 2024 तथा 28 मई, 2025 को दिये अभ्यावेदनों के माध्यम से भी इस मामले को बार-बार आदरणीय सचिव महोदया, माननीय गृह राज्य मंत्री जी के समक्ष (12 दिसंबर, 2024) उठाया गया।
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माननीय गृह राज्य मंत्री जी से भर्ती नियमों में संशोधन और डायवर्जन का अनुरोध |
विभाग द्वारा कुल 17 पद सीधी भर्ती के लिए यूपीएससी भेज दिए जाने के उपरांत एसोसिएशन ने 20 मार्च, 2026 को एसोसिएशन की आम सभा की असाधारण बैठक बुलाई। बैठक में सभी सदस्यों ने लाइव वेकेंसी को डायवर्जन से भरे जाने और साथ ही भर्ती नियमों में संशोधन के संकल्प को दोहराया। इसके उपरांत एसोसिएशन ने 78 रिक्त पदों को भी पदोन्नति माध्यम से भरवाने के पुरजोर प्रयास (जून, 2025) किये। इन्हीं रिक्त पदों को पदोन्नति माध्यम से भरे जाने के डायवर्जन सम्बन्धी प्रस्ताव पर स्वयं डीओपीटी ने बिल्कुल हमारे तर्कों के अनुरूप ही भर्ती नियमों में संशोधन करने का परामर्श विभाग को दिया। ये कहानी का टर्निंग पॉइंट था।
आदरणीय सचिव महोदया, श्रीमती अंशुली आर्या जी ने संवर्ग के कल्याण के
लिए तत्काल इस दिशा में ठोस कार्य शुरू करा दिया। उसके बाद जो कुछ विभाग ने किया, जो दौड़-धूप संगठन ने की वह सब एक लंबी कहानी है जिसमें दर्जनों कनिष्ठ और
वरिष्ठ साथियों ने हर संभव तरीके से सहयोग किया। डीओपीटी, यूपीएससी और विधायी विभाग हर जगह हमारी टीम ने सक्रियता से समन्वय किया। बस रास्ता बनता गया और असंभव घोषित
किया जा चुका कार्य आज संभव हो सका। इससे एक सबक भी हम सभी को लेना चाहिए, यदि कोई आप से कहे कि अमुक कार्य असंभव है तो उसे तब तक सत्य न मान लें जब
तक आप स्वयं इसे तथ्यों की कसौटी पर न परख लें। आज कुछ लोग यह कार्य हो जाने के बाद
इस कार्य का श्रेय लेने की दौड़ में व्यथित हैं। यह स्वाभाविक है। परंतु उन्हें स्वयं
से पूछना चाहिए कि यदि यह कार्य इतना आसान था तो वे विगत तमाम वर्षों में यह
क्यों नहीं करा सके? हम फिर दोहराना चाहेंगे कि यह केवल किसी एक व्यक्ति, किसी एक संगठन की उपलब्धि नहीं है बल्कि यह सभी संगठनों, व्यक्तियों, विभाग के अधिकारियों, अन्य संबंधित विभागों के सहृदय अधिकारियों और सर्वोपरि पूरे संवर्ग की सामूहिक उपलब्धि है। यहां सबका नाम लेना संभव नहीं लेकिन सबका आभार।
हम विशेष रूप से आदरणीय सचिव महोदया और संयुक्त सचिव महोदया की संवर्ग के कल्याण के लिए
प्रतिबद्धता और उनकी सहृदयता के लिए जितना भी आभार व्यक्त करें कम है। यह संवर्ग सचिव महोदया, श्रीमती अंशुली आर्या जी का सदैव ऋणी रहेगा और उन्हें हमेशा याद रखेगा। साथ ही हम सेवा प्रभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बहुत आभार व्यक्त करते हैं।राजभाषा विभाग में तैनात हमारे कनिष्ठ सहयोगियों की
सक्रियता, वरिष्ठ अधिकारियों के स्नेहाशीष, डीओपीटी, यूपीएससी और विधायी विभाग में तैनात हमारे कर्मठ
साथियों और संवर्ग के वरिष्ठ अधिकारियों के अथक परिश्रम की जितनी प्रशंसा की जाए
कम है। इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने में सहयोग देने वाले हर व्यक्ति का हम आभार
व्यक्त करते हैं।
आप सभी को
एक स्वर्णिम भविष्य की अनेक शुभकामनाएं।