Thursday, 31 May 2012


Dear friends, every week we will be bringing at least one article as ARTICLE OF THE WEEK from a dynamic member of our fraternity. This week an article by Sh. Ajay kumar Jha, Sr. Translator is throwing light on the history of CSOLS' Translators' Association and exposing the modus operandi of present office bearers of association. He has successfully highlighted all burning issues which are plaguing our cadre since long. 
- Moderator

“Rise, Awake and stop not until the goal is reached”
                                                       - Swami Vivekananda



CSOLS Translators’ Association was formed perhaps in the year 1990 with the objective of protecting the various interests of junior and Senior Hindi Translators in the matters of better service conditions and working environment so as to make this service an attractive one and also to make it respectful for the highly qualified new entrants .
Unfortunately, over the years, the functionaries of the Association have degenerated themselves into a group of selfish and visionless people restricting their activities to personal benefits like getting their posting in offices light in terms of workload, collecting money from its members on every occasion and grossly misusing the fund collected for the benefits of the few near and dear ones, victimizing those who speak against them etc. to say the least.
In this scenario, an urgent need to hold election for the posts of the Association has been felt by rank and file of the cadre. It is pertinent to mention here that the election for the various posts of the Association was last held way back in the year 1997. It is anybody’s guess why election has not been held since then?
Given the present pathetic state of affairs of the Association, we like to draw your kind attention towards some of the following meritorious issues pertaining to our cadre and seek you support:
(1)    The issue of granting Grade Pay of Rs. 4600 to JUNIOR TRANSLATORS is still unsolved.

(2)     The issue of regularization of senior translators (Ad-hoc) is far from getting solved.

(3)    The issue of promoting JHT to SHT is entangled because of non production/submission of major and minor penalties for the last 10 years.

(4)    No request for acceding to the demand of holding limited departmental examination for JHT for the post of AD (OL) has been sent to Dept. of Official Language.

(5)    No statement of income and expenditure of the Association has ever been shown or produced in the General Body Meeting.

(6)    No election to the various posts of the Association has been declared/held since 1997.

(7)    Miscellaneous issues

Hence the need to press for a positive change is imminent.  Join us for your own interests and show your unity and solidarity with us.
Thanking you.
Ajay Kr. Jha
Sr. Translator,
 Ministry of Coal, Shastri Bhawan.

Tuesday, 29 May 2012

ई.आर. शीट डाटा एन्‍ट्री हेतु अधिकारियों / कर्मचारियों के सेवा संबंधी विवरण

राजभाषा विभाग द्वारा राजभाषा सेवा संवर्ग से जुडे समस्‍त अधिकारियों / कर्मचारियों से उनके सेवा संबंधी विवरण ई.आर. शीट डाटा एन्‍ट्री के लिए बार-बार पत्र के माध्‍यम से मांगे गए हैं. परंतु अभी भी अधिकांश अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा यह विवरण राजभाषा विभाग को प्रेषित नहीं किया गया है. हम यहां 1 फरवरी के मूल पत्र को सुलभ संदर्भ के लिए लिंक द्वारा प्रस्‍तुत कर रहे हैं. कृपया इसे यथाशीघ्र अपने कार्यालय से सत्‍यापित करवाकर राजभाषा विभाग को भेजने की व्‍यवस्‍था करें. यह विवरण वरीयता सूची के अद्यतनीकरण करने, कनिष्‍ठ अनुवादकों से वरिष्‍ठ अनुवादकों के पद पर पदोन्‍नति करने के लिए अत्‍यंत आवश्‍यक है. 

कनिष्‍ठ अनुवादकों के लिए महत्‍वपूर्ण

केन्‍द्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा संवर्ग का पुनर्गठन होने के उपरांत कनिष्‍ठ अनुवादक ग्रेड से वरिष्‍ठ अनुवादक ग्रेड में पदोन्‍नति के लिए राजभाषा विभाग द्वारा नीचे दिए गए पत्र द्वारा कनिष्‍ठ अनुवादकों से उनकी शास्ति एवं सत्‍यनिष्‍ठा संबंधी प्रमाण पत्र मांगे हैं. सभी अनुवादक साथियों से अनुरोध है कि यथाशीघ्र उपर्युक्‍त पर कार्रवाई कर अपने विवरण राजभाषा विभाग को भिजवाएं. कृपया नीचे दिए गए लिंक को देखें -

Monday, 28 May 2012

Dear friends, 

 As you know that we all are striving for a positive change in CSOLS cadre, setting up of a common platform to share our thoughts and a medium to provide all relevant information became inevitable. To achieve our goals we have established a three tier system

1. For those who can access FaceBook. 

2. Those who can access a blog.

3. Those who don't have access to either of the above two they can communicate with our e-mail id i.e.  

Plz. use any of the above medium to interact. 

Time for change has or never. 

Apart of it we are creating a database of Jr./Sr. Translators so that this great workforce can work in an organised fashion and achieve its goals. For this, we request you to kindly fill the form provided in the link given below (Copy the format in a word file and then mail it in attachment) and send the same by mail at  positively by 31st May, 2012.


केन्‍द्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा संवर्ग के कनिष्‍ठ / वरिष्‍ठ अनुवादकों की बैठक  
एक रिपोर्ट 

23 मई, 2012 का दिन संभवतया केन्‍द्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा से जुड़े लोगों के दिलो-दिमाग में एक खास तारीख के रूप में दर्ज होगा. बरसों की गहरी नींद को तोड़कर जब-जब लोग अपने हक और सम्‍मान के लिए उठते हैं घटनाएं ऐतिहासिक बन जाती हैं. दोपहर लगभग डेढ़ बजे का वक्‍त, आसमान से आग बरस रही थी और लुट्यन्‍स जोन में राजपथ पर मई की लू के थपेड़े राहजन का स्‍वागत कर रहे थे. पर डेढ़ बजे के लगभग आस पास के दफ्तरों के कुछ लोग एयरकंडीश्‍नर का मोह त्याग कर चिलचिलाती धूप में पैदल चलकर वायुसेना भवन मुख्‍यालय के साथ पार्क में पहुंचने शुरू हुए. 15 मिनट के भीतर-भीतर लगभग 50-60 लोगों का अच्‍छा खासा जमावड़ा हो चुका था. सब तय कार्यक्रम के अनुसार था पर आज की बैठक को आस-पास के कार्यालयों के कनिष्‍ठ एवं वरिष्‍ठ अनुवादकों तक ही सीमित रखा गया था. दरअसल आज की बैठक संगठन द्वारा आहूत न होकर अनुवादकों द्वारा स्‍वयं अपने स्‍तर आमंत्रित की गई थी.
लगभग 15 दिनों पूर्व अनायास ही नॉर्थ ब्‍लॉक में दर्जन भर अनुवादक साथियों के मध्‍य सीएसओएलएस कैडर के अनुवादकों की स्थिति पर बहुत देर तक विचार-विमर्श हुआ. कुछ मुद्दों को लेकर सभी अनुवादक साथियों के मध्‍य आम सहमति थी. कहना न होगा कि सभी सीएसओएलएस के अनुवादकों की मौजूदा स्थिति और वर्तमान ऐसोसिएशन की कार्यप्रणाली से असंतुष्‍ट भी थे. बात निकली तो दूर तक गई और तय किया गया कि जैसा ये दर्जन भर लोग सोच-समझ रहे हैं इस बारे में अन्‍य अनुवादक साथियों के भी विचार जाने जाएं । दूसरी बात थी कि कैसे अब तक कमियों को दूर कर संगठन में नई जान फूंकी जाए. बस फिर क्‍या था. 23 मई का दिन मुकर्रर किया गया और फैसला हुआ कि अब बात ज्‍यादा से ज्‍यादा साथियों के बीच की जाए ताकि सब-कुछ साफ–साफ हो सके. और आज सभी अनुवादक साथी पूरे जाशो-खरोश के साथ मैदान में उतर आए थे.
    मुद्दे बहुत साफ और स्‍पष्‍ट थे.
पहला मामला : 4200 रू के ग्रेड पे को बढ़ाकर 4600 किया जाना ।
कनिष्‍ठ अनुवादकों के 4200 रू के ग्रेड पे को बढ़ाकर 4600 किए जाने की पुरानी मांग थी. जिसे लेकर लंबे समय से जंग चल रही थी. इस मामले में न्‍यायालय में कुछ प्रगति भी हुई परंतु ऐसोसिएशन इसे पुरजोर तरीके से अंजाम तक ले जाने में नाकाम रही. मामला अभी भी अधर में लटका हुआ है.
दूसरा महत्‍वपूर्ण विषय : ऐसोसिएशन की कार्यप्रणाली ।
अधिकांश अनुवादक साथियों का मानना था कि ऐसोसिएशन जैसी किसी चीज से वे वाकिफ नहीं हैं. कब इसकी बैठकें होती हैं?  न्‍यायालय में चल रहे मामले में क्‍या प्रगति हो रही है ? अनुवादकों से एकत्र किए जा रहे चंदे का हिसाब-किताब? पूर्व में जमा पैसों को लेकर कोई लेखा आदि प्रस्‍तुत न करना और लंबे समय से कोई चुनाव न कराया जाना समेत तमाम विषयों पर एसोसिएशन की ओर से साफगोई की कमी महसूस की जा रही थी. लिहाजा ऐसोसिएशन का नए सिरे से गठन आवश्‍यक महसूस होने लगा.
तीसरा मामला, अभी तैयार किए जा रहे नए नियु‍क्ति नियमों में सीधी भर्ती संबंधी नियमों पर चर्चा.
चौथा, और सबसे महत्‍वपूर्ण कार्य: अनुवादकों के लिए एक सांझा मंच उपलब्‍ध कराना और अनुवादकों में संगठन के भाव का सृजन करना ।
लंबे समय से महसूस किया जा रहा था कि हर मंत्रालय/ विभाग में कार्यरत अनुवादक अलग-थलग पड़े हुए हैं. एक ही बिल्डिंग और यहां तक कि अगल-बगल के कमरों में होने के बावजूद अनुवादक एक-दूसरे से परिचित नहीं हैं. अतएव, सभी कनिष्‍ठ एवं वरिष्‍ठ अनुवादकों को निरंतर संपर्क और विमर्श के लिए एक सांझा मंच उपलब्ध कराना. साथ ही समस्‍त अनुवादकों को एकसूत्र में पिरोकर संगठन को नई ऊर्जा और शक्ति प्रदान करना.
      उपर्युक्‍त विषयों के आलोक में बैठक की कार्यवाही को प्रारंभ करते हुए सर्वप्रथम गृह मंत्रालय में कार्यरत श्री मंजुल ने उपरोक्‍त सभी विषयों की मौजूदा स्थिति से उपस्थित लोगों को अवगत कराया. उन्‍होंने अनुवादकों के साथ होने वाले उपेक्षापूर्ण व्‍यवहार से लेकर वर्तमान ऐसोसिएशन की कार्य प्रणाली पर विस्‍तार से चर्चा की. श्री मंजुल ने मौजूदा हालातों में सुधार लाने के लिए सभी अनुवाद साथियों का आह्वान किया. श्री मंजुल के बाद गृह मंत्रालय से ही श्री आर. आर शुक्‍ला ने भी कुछ महत्‍वपूर्ण तथ्‍यों पर प्रकाश डालते हुए ऐसोसिएशन की कार्यप्रणाली के प्रति खेद व्‍यक्‍त किया ।
तदोपरांत कोयला मंत्रालय से श्री अजय कुमार झा ने बात की आगे बढ़ाते हुए अन्‍य महत्‍वपूर्ण बिन्‍दुओं को भी छुआ. अभी चर्चा चल ही रही थी कि बैठक में ऐसोसिएशन के वर्तमान अध्‍यक्ष श्री शिव कुमार गौड़ पहुंच गए. श्री गौड़ को अब उनके सहायक निदेशक के रूप में पदोन्‍नत हो जाने के कारणवश आज की बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था. परंतु सभी अनुवादकों ने उनका हार्दिक स्‍वागत किया. पुन: श्री झा ने अपने अनुभव सांझा करते हुए इस निराशाजनक स्थिति के कारणों पर रौशनी डाली. चर्चा के दौरान कुछ बातों पर माहौल थोड़ा गरम भी हुआ. उपस्थित लोगों ने श्री गौड़ से तमाम विषयों पर उनका स्‍टैंड जानना चाहा. जिस पर उन्‍होंने सहर्ष अपना पक्ष रखा. और अब तक एसोसिएशन द्वारा किए गए कार्यों और इकट्ठा किए गए चंदें के विषय में मोटे तौर पर आंकड़ा बताने का प्रयास किया. परंतु पिछले हिसाब किताब के विषय में साफ-साफ उत्‍तर न मिलने से अधिकांश अनुवादकों में रोष साफ देखा जा सकता था. खैर माहौल कभी हल्‍का तो कभी संजीदा होता रहा.
श्री झा के उपरांत वस्‍त्र मंत्रालय से श्री सौरभ आर्य ने बैठक के अंतिम चरण में भविष्‍य की रणनीति पर अनुवादक साथियों से विचार मांगे और न्‍यायालय में शीघ्र ही डाले जाने वाले केस के विषय में पहले चुनाव कराने अथवा वर्तमान एसोसिएशन द्वारा केस फाइल किए जाने के विकल्‍पों पर सभी से वोट करने का अनुरोध किया. जिसके प्रत्‍युत्‍तर में 100 प्रतिशत लोगों ने हाथ खड़ा कर पहले चुनाव कराने की इच्‍छा जाहिर की. बैठक में मौजूद श्री गौड़ से इस विषय में आगे की प्रक्रिया के विषय में पूछे जाने पर उन्‍होंने घोषणा की कि आगामी 6 जून को वह संगठन की वार्षिक आम बैठक बुला रहे हैं एवं इस बैठक में वह चुनावों के लिए तिथि की घोषणा कर देंगे.
सभी अनुवादकों को एक संगठन सूत्र में पिरोने के लिए आए सुझावों पर की जा रही कार्रवाई के विषय में जानकारी देते हुए सौरभ आर्य ने सभी को सूचित किया कि आज से ही सीएसओएलएस कैडर के सभी कनिष्‍ठ एवं वरिष्‍ठ अनुवादकों से संबंधित आवश्‍यक सूचनाओं को एक डाटाबेस तैयार करने पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है जिसके लिए एक प्रोफार्मा श्रीमती विशाखा बिष्‍ट (वित्‍त मंत्रालय)  द्वारा उपस्थित अनुवादकों को इस प्रकार वितरित किया गया कि कुछ लोग अपने आस-पास के मंत्रालयों की जिम्‍मेदारी उठाकर ये जानकारियां निर्धारित समय में एकत्र कर सकें. यह बड़ा सुखद अनुभव था कि कई साथियों ने स्‍वयं आगे बढ़कर यह जिम्‍मेदारी उठाने का आग्रह किया. श्री सौरभ ने आगे सभी को सूचित किया कि अब से हमारे संगठने की एक ई-मेल आईडी होगी जिसके माध्‍यम से संगठन की हर गतिविधि की जानकारी अनुवादकों तक पहुंचेगी और वे भी कोई भी बात संगठन के पदाधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं. इसी क्रम में बताया गया कि आज से ही सोशल नैटवर्किंग साइट फेसबुक पर CSOLS के नाम से ही एक नया पेज शुरू हो रहा है जिसे केवल अनुवादक साथी ज्‍यॉइन कर सकते हैं. यह सभी अनुवादकों के मध्‍य एक सेतु का कार्य करेगा और विचार विमर्श के लिए एक स्‍थाई मंच उपलब्ध कराएगा.
इन्‍हीं सब विषयों पर गहन चर्चा के उपरांत बैठक की कार्यवाही को विराम दिया गया. सभी अनुवादकों ने  एक नई आशा और उत्‍साह के साथ मीटिंग स्‍थल से अपने गंतव्‍य की और प्रस्‍थान किया. अब इंतजार 6 जून को होने वाली एजीएम की बैठक का है.

- मोडरेटर डैस्‍क.

Message from admn.

सभी अनुवादक साथियों का इस ब्‍लॉग पर हार्दिक स्‍वागत है.